लवलीना ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, 75 किग्रा में भारत को स्वर्ण
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 75 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश के लिए बड़ी उपलब्धि दर्ज की। 2 अक्टूबर 2026 को जापान के आइची-नागोया स्थित निशियो जिम्नेजियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया।
फाइनल में पूरी तरह हावी रहीं लवलीना
लवलीना ने पूरे मुकाबले में तकनीक, संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा। जजों ने उन्हें एकतरफा अंदाज में विजेता घोषित किया, जिससे यह साफ हुआ कि फाइनल में उनका नियंत्रण शुरू से अंत तक बना रहा। यह जीत उनके करियर की सबसे अहम उपलब्धियों में गिनी जा रही है, क्योंकि यह उनका पहला एशियन गेम्स स्वर्ण है।
क्वार्टरफाइनल से फाइनल तक मजबूत सफर
स्वर्ण पदक तक पहुंचने का उनका सफर भी प्रभावशाली रहा। 29 सितंबर 2026 को क्वार्टरफाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयेओन को 5-0 से हराया। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा के खिलाफ कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें लवलीना ने 3-2 से जीत हासिल की। लगातार दो मजबूत विरोधियों को हराकर फाइनल में पहुंचना उनकी तैयारी और मानसिक मजबूती को दिखाता है।
भारत के महिला मुक्केबाजी इतिहास में नया अध्याय
इस स्वर्ण पदक के साथ लवलीना एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। उनसे पहले यह उपलब्धि एमसी मैरी कॉम ने 2014 में हासिल की थी। लवलीना की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे भारत का महिलाओं की बॉक्सिंग में 12 साल का स्वर्ण इंतजार खत्म हुआ।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- लवलीना बोर्गोहेन असम की भारतीय मुक्केबाज हैं और ओलंपिक पदक विजेता भी हैं।
- उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।
- एशियन गेम्स 2022, हांगझोऊ में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था।
- एमसी मैरी कॉम 2014 में एशियन गेम्स स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थीं।
लवलीना की यह जीत भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि महिला मुक्केबाज लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन कर रही हैं। 29वें जन्मदिन पर मिला यह स्वर्ण उनके करियर को और यादगार बना देता है।