लद्दाख बना देश का पहला पूर्ण जैविक केंद्रशासित प्रदेश

लद्दाख बना देश का पहला पूर्ण जैविक केंद्रशासित प्रदेश

लद्दाख को भारत का पहला 100 प्रतिशत जैविक केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 25 अक्टूबर 2026 को यह घोषणा की। यह पहल लेह और कारगिल जिलों में चरणबद्ध तरीके से रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और मिट्टी में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक पदार्थों से खेती को मुक्त करने के प्रयासों के बाद पूरी हुई।

खेती में रासायनिक पदार्थों पर रोक

लद्दाख में जैविक खेती की दिशा में बड़ा कदम जुलाई 2026 में उठाया गया, जब कृषि में रासायनिक और कृत्रिम उर्वरकों की खरीद, वितरण, बिक्री, प्रचार और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। इससे पहले, मार्च 2026 में बुवाई के मौसम से पहले गांवों में जैविक खाद पहुंचाई गई थी।

27 जुलाई 2026 तक लद्दाख के 207 गांवों को जैविक प्रमाणन मिल चुका था। इनमें कारगिल, द्रास, जांस्कर और शाम के 102 गांव शामिल थे, जिन्हें उसी तारीख को प्रमाणित किया गया। यह प्रमाणन प्रक्रिया जुलाई में लागू उर्वरक प्रतिबंध से अलग है। यानी किसी गांव को जैविक प्रमाणित करने के लिए तय मानकों और प्रक्रिया का पालन जरूरी है, जबकि प्रतिबंध खेती में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को रोकता है।

जैविक प्रमाणन और लद्दाख की विशेषताएं

भारत में जैविक उत्पादन के मानक राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के तहत तय किए जाते हैं। यह कार्यक्रम कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित है, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन है। जैविक खेती में कृत्रिम उर्वरकों और कीटनाशकों से परहेज के साथ उत्पादन, प्रसंस्करण और प्रमाणन के निर्धारित मानकों का पालन किया जाता है।

लद्दाख की जैविक पहल के लिए जुलाई 2021 में सिक्किम राज्य जैविक प्रमाणन एजेंसी के साथ त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। मिशन ऑर्गेनिक डेवलपमेंट इनिशिएटिव के तहत 2025 तक प्रमाणित जैविक केंद्रशासित प्रदेश बनने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, किसानों ने एनपीओपी प्रमाणन प्रक्रिया की जटिलताओं और बाहर से मंगाई जाने वाली जैविक खाद की लागत को लेकर चिंताएं जताई थीं।

लेह और कारगिल जिलों वाला लद्दाख ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां ऊंचाई और ठंडी मरुस्थलीय परिस्थितियां खेती को विशिष्ट बनाती हैं। यहां की प्रमुख जैविक उपज में खुबानी, सी-बकथॉर्न, कुट्टू, जौ और सब्जियां शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ आजीविका को मजबूत करना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सिक्किम 2016 में भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य बना था।
  • राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम का संचालन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण करता है।
  • लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 को केंद्रशासित प्रदेश बना।
  • लद्दाख की जैविक प्रमाणन पहल के लिए 2021 में सिक्किम राज्य जैविक प्रमाणन एजेंसी के साथ समझौता किया गया था।

लद्दाख का यह कदम उच्च हिमालयी परिस्थितियों में खेती को टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम है। इसकी सफलता प्रमाणन व्यवस्था, किसानों की लागत और जैविक उपज के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी निर्भर करेगी।

Originally written on October 26, 2026 and last modified on October 26, 2026.

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