रुद्र और प्रचंड के लिए स्वदेशी 20 मिमी तोप की तैयारी
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 19–20 अक्टूबर 2026 को भारत की पहली स्वदेशी 20 मिमी विमानन तोप और बुर्ज प्रणाली के विकास-सह-उत्पादन साझेदारों के रूप में एसएसएस डिफेन्स और कल्याणी समूह को चुना है। यह प्रणाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के रुद्र और प्रचंड हेलीकॉप्टरों में लगाने के लिए बनाई जाएगी।
आयातित तोप प्रणाली का स्वदेशी विकल्प
इस परियोजना में हेलीकॉप्टरों के लिए 20 मिमी तोप और उसे स्थापित करने वाले बुर्ज—दोनों का डिजाइन तथा निर्माण शामिल है। पुणे स्थित आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई), जो डीआरडीओ की प्रयोगशाला है, परियोजना का नेतृत्व कर रहा है। 20 मिमी तोप मध्यम कैलिबर की श्रेणी में आती है; इसमें 20 मिमी का उल्लेख नली के भीतरी व्यास के आधार पर होता है।
फिलहाल रुद्र और प्रचंड में फ्रांस में विकसित टीएचएल-20 बुर्ज प्रणाली लगी है, जिसमें यूरोपीय एम621 तोप का उपयोग होता है। प्रस्तावित स्वदेशी प्रणाली का उद्देश्य इस आयातित उपकरण का स्थान लेना है। यह भारत में विमानन क्षेत्र के लिए मध्यम कैलिबर की तोप और बुर्ज को अवधारणा से लेकर निर्माण तक देश में विकसित करने की पहली पहल है।
विकास और उत्पादन की रूपरेखा
एआरडीई और एचएएल ने 2025 में हेलीकॉप्टरों के महत्वपूर्ण हथियार तंत्र को स्वदेशी बनाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इस नई प्रणाली का विकास लगभग दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद परीक्षण और स्वीकृति प्रक्रिया होगी। आवश्यक मानक पूरे होने पर उत्पादन का काम दोनों चुनी गई कंपनियों को दिया जाएगा।
उत्पादन आदेशों का बंटवारा बोली के आधार पर होगा। सबसे कम बोली देने वाली कंपनी को कुल काम का 60 प्रतिशत और दूसरी कंपनी को 40 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। विकास-सह-उत्पादन साझेदारों की व्यवस्था में कंपनियां प्रणाली के विकास में भाग लेने के साथ, सफल परीक्षण और स्वीकृति के बाद उसके निर्माण के लिए भी तैयार रहती हैं। यह परियोजना रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
रुद्र और प्रचंड के लिए उपयोग
रुद्र, एचएएल के स्वदेशी उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर के एमके-IV संस्करण का सशस्त्र रूप है। प्रचंड एचएएल द्वारा विकसित आक्रमण हेलीकॉप्टर है, जिसे सशस्त्र बलों के अभियानों के लिए बनाया गया है और यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी काम कर सकता है। नई तोप और बुर्ज को इन दोनों हेलीकॉप्टर बेड़ों में एकीकृत करने की योजना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई), डीआरडीओ की पुणे स्थित प्रयोगशाला है।
- रुद्र, एचएएल के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर का एमके-IV सशस्त्र संस्करण है।
- मौजूदा टीएचएल-20 बुर्ज प्रणाली में यूरोपीय एम621 तोप लगी है।
- प्रस्तावित उत्पादन में सबसे कम बोलीदाता को 60 प्रतिशत और दूसरे साझेदार को 40 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।
स्वदेशी तोप-बुर्ज प्रणाली के सफल विकास से रुद्र और प्रचंड के हथियार तंत्र में आयातित उपकरणों पर निर्भरता घटाने का अवसर बनेगा।