यूक्रेन की उपग्रह संचार पहल से घटेगी स्टारलिंक पर निर्भरता
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने 22 अक्टूबर 2026 को फिनलैंड की प्रौद्योगिकी कंपनियों नोकिया और आईसआई के साथ एक आशय-पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य सरकारों के नियंत्रण वाली उपग्रह संचार प्रणाली विकसित करने की संभावनाओं का पता लगाना है। यह पहल ऐसे समय में आई है, जब संचार व्यवस्था में आई बाधाओं ने युद्धक्षेत्र में संपर्क, ड्रोन संचालन और हवाई रक्षा को प्रभावित किया है।
विदेशी नेटवर्क पर निर्भरता घटाने की कोशिश
प्रस्तावित प्रणाली यूक्रेन को स्टारलिंक जैसे विदेशी नियंत्रण वाले उपग्रह नेटवर्क पर निर्भरता कम करने का विकल्प दे सकती है। योजना के तहत भाग लेने वाली सरकारों के पास उपग्रहों, ज़मीनी ढाँचे और उपयोगकर्ता उपकरणों का स्वामित्व तथा नियंत्रण होगा। इससे संचार व्यवस्था पर राष्ट्रीय नियंत्रण बढ़ाने और संकट के समय बाहरी नेटवर्क पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।
यह घोषणा फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो की कीव यात्रा के दौरान हुई। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की। यूक्रेन और फिनलैंड ने यात्रा के दौरान रक्षा, मानवरहित प्रणालियों, परिवहन और निर्माण से जुड़े सात अन्य समझौते भी किए। इनका घोषित संयुक्त मूल्य लगभग 30 से 33 करोड़ यूरो बताया गया।
अभी शुरुआती चरण में है परियोजना
नोकिया और आईसआई के साथ हुआ आशय-पत्र सहयोग की संभावनाएँ तलाशने के लिए है। यह उपग्रह खरीदने या प्रणाली तैनात करने का बाध्यकारी अनुबंध नहीं है। परियोजना की कीमत, उपकरणों की संख्या और आपूर्ति की समय-सीमा की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे तैयार संचार नेटवर्क के बजाय प्रस्तावित पहल के रूप में समझना चाहिए।
दोनों कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 को सरकारों के लिए यूरोपीय प्रौद्योगिकी पर आधारित सुरक्षित और उच्च क्षमता वाली निम्न-पृथ्वी-कक्षा उपग्रह प्रणाली विकसित करने की अलग साझेदारी की घोषणा की थी। आईसआई वर्ष 2022 से यूक्रेन को सहयोग दे रही है। इस कार्यक्रम के तहत पहला उपग्रह 2028 में प्रक्षेपित करने की योजना है।
निम्न-पृथ्वी-कक्षा प्रणाली की विशेषता
उपग्रह संचार नेटवर्क में अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रह, ज़मीनी केंद्र और उपयोगकर्ता के उपकरण शामिल होते हैं। निम्न-पृथ्वी-कक्षा के उपग्रह पृथ्वी से लगभग 2,000 किलोमीटर तक की ऊँचाई पर घूमते हैं। वे धरती के सापेक्ष तेजी से आगे बढ़ते हैं, इसलिए लगातार सेवा देने के लिए आम तौर पर कई उपग्रहों की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा से लगभग 35,786 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा करते हैं और पृथ्वी के एक ही क्षेत्र के ऊपर स्थिर दिखाई देते हैं। किसी भी प्रणाली की सेवा उपग्रहों के साथ ज़मीनी सुविधाओं और अनुकूल उपकरणों पर भी निर्भर करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- निम्न-पृथ्वी-कक्षा के उपग्रह पृथ्वी से लगभग 2,000 किलोमीटर तक की ऊँचाई पर परिक्रमा करते हैं।
- भूस्थिर उपग्रह भूमध्य रेखा से लगभग 35,786 किलोमीटर ऊपर स्थित कक्षा में घूमते हैं।
- इस पहल का आशय-पत्र बाध्यकारी खरीद या तैनाती अनुबंध नहीं है।
- नोकिया और आईसआई के संयुक्त कार्यक्रम का पहला उपग्रह 2028 में प्रक्षेपित करने की योजना है।
यूक्रेन की यह पहल संचार ढाँचे पर नियंत्रण और युद्धकालीन संपर्क की निरंतरता को मजबूत करने की दिशा में एक संभावित कदम है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता आगे होने वाले समझौतों और प्रणाली के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।