मलेरिया टीके की कीमत में कटौती से बच्चों तक पहुंच बढ़ेगी
भारत बायोटेक ने मलेरिया के टीके एमओएसक्यूआईवीएसी की कीमत में लगभग 40 प्रतिशत कमी की घोषणा की है। यूनिसेफ द्वारा किए गए समझौते और गावी के वित्तीय सहयोग के तहत, 2027 की शुरुआत से इसकी प्रति खुराक कीमत 9.30 यूरो से घटकर 5.50 यूरो हो जाएगी। यह बदलाव मलेरिया से अधिक प्रभावित देशों में बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रमों को कम लागत में आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
नई कीमत से टीकाकरण कार्यक्रमों को राहत
कीमत में कमी का लाभ 2027 की शुरुआत से लागू होगा। यह समझौता उन देशों में टीके की उपलब्धता से जुड़ा है जहां मलेरिया का बोझ अधिक है, विशेष रूप से अफ्रीका के कई हिस्सों में। यूनिसेफ टीकों की खरीद और टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए आपूर्ति में भूमिका निभाता है, जबकि गावी पात्र देशों में टीकों तक पहुंच के लिए वित्तीय सहायता देता है।
अनुमान है कि 2027 से 2029 के बीच कम कीमत के कारण बाल टीकाकरण कार्यक्रमों को करीब 5 करोड़ डॉलर की बचत होगी। इस बचत से लगभग 10 लाख अतिरिक्त बच्चों को टीके का पूरा चार-खुराक वाला कोर्स देने में सहायता मिल सकती है। ये आंकड़े अनुमानित हैं और टीकों की खरीद तथा कार्यक्रमों में उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करेंगे।
एमओएसक्यूआईवीएसी और मलेरिया से बचाव
एमओएसक्यूआईवीएसी, आरटीएस,एस/एएस01 मलेरिया टीके का भारत बायोटेक ब्रांड नाम है। इस टीके को जीएसके ने पैथ और अन्य साझेदारों के साथ विकसित किया था। बाद में तकनीक हस्तांतरण के आधार पर भारत बायोटेक इसका निर्माण करने लगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2021 में आरटीएस,एस/एएस01 को मलेरिया के खिलाफ उपयोग के लिए अनुशंसित पहला टीका बताया था।
यह टीका प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी से होने वाले मलेरिया के खिलाफ बच्चों के लिए बनाया गया है। यह परजीवी बीमारी के सबसे गंभीर रूपों के लिए जिम्मेदार है। मलेरिया आम तौर पर संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है। प्लाज्मोडियम विवैक्स भी मनुष्यों में मलेरिया पैदा करने वाले परजीवियों में शामिल है। टीका मलेरिया-प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए व्यापक रोकथाम और नियंत्रण उपायों का हिस्सा है; यह मच्छरों से बचाव और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का विकल्प नहीं है।
कम लागत का व्यापक महत्व
टीके की कीमत घटने से सीमित स्वास्थ्य बजट वाले देशों में अधिक बच्चों तक टीकाकरण पहुंचाने की संभावना बढ़ती है। चार खुराक वाला पूरा कोर्स सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि घोषित अतिरिक्त पहुंच का अनुमान इसी पूर्ण कोर्स पर आधारित है। मलेरिया के अधिक बोझ वाले क्षेत्रों में टीकाकरण को रोकथाम और नियंत्रण की व्यापक रणनीति के साथ जोड़ना होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2021 में आरटीएस,एस/एएस01 को मलेरिया के खिलाफ अनुशंसित पहला टीका बताया।
- आरटीएस,एस/एएस01 टीके का विकास जीएसके ने पैथ और अन्य साझेदारों के साथ किया।
- एमओएसक्यूआईवीएसी का पूरा टीकाकरण कोर्स चार खुराकों का है।
- मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है; प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम इसका गंभीर रूप पैदा कर सकता है।
2027 से लागू होने वाली नई कीमत का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बचत को टीकों की खरीद और बच्चों तक पूरी खुराक पहुंचाने में कितनी प्रभावी तरह लगाया जाता है।