ब्लैक होल की तेज घूर्णन गति से बदलती हैं एक्स-रे तरंगें

ब्लैक होल की तेज घूर्णन गति से बदलती हैं एक्स-रे तरंगें

ब्लैक होल का घूर्णन उसके आसपास पदार्थ की गति और उससे निकलने वाले विकिरण को प्रभावित कर सकता है। 23 अक्टूबर 2026 को जर्नल ऑफ हाई एनर्जी एस्ट्रोफिजिक्स में प्रकाशित एक अध्ययन ने कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए जांचा कि ब्लैक होल का घूर्णन एक्स-रे में होने वाले बदलावों से कैसे जुड़ा है। इसमें आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज), पोलैंड के निकोलस कोपरनिकस खगोलीय केंद्र और एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता शामिल थे।

अभिवृद्धि प्रवाह और एक्स-रे बदलाव

ब्लैक होल जैसे सघन पिंड के चारों ओर गैस और अन्य पदार्थ घूमते हुए भीतर की ओर बढ़ते हैं। इस घूमती संरचना को अभिवृद्धि डिस्क कहा जाता है। पदार्थ के भीतर घर्षण और दूसरी प्रक्रियाओं से गर्मी पैदा होती है, जिसके कारण वह एक्स-रे सहित विकिरण उत्सर्जित कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने अभिवृद्धि प्रवाह में बनने वाले आघात क्षेत्रों का मॉडल तैयार किया। इन क्षेत्रों में पदार्थ की गति और भौतिक स्थितियों में अचानक बदलाव आता है। सिमुलेशन के अनुसार, तेज गति से घूमता ब्लैक होल इन आघात क्षेत्रों को अपने अधिक पास खींचता है। उनकी स्थिति में बदलाव से एक्स-रे उत्सर्जन में होने वाले अर्ध-आवधिक दोलनों की आवृत्ति प्रभावित होती है। ये दोलन नियमित अंतराल पर लौटने वाले, लेकिन पूरी तरह स्थिर न होने वाले बदलाव हैं। सूर्य के द्रव्यमान से लगभग दस गुना द्रव्यमान वाले ब्लैक होल के लिए मॉडल में इनकी आवृत्ति 100 हर्ट्ज से ऊपर तक पहुंची।

घूर्णन और सापेक्षता का संबंध

ब्लैक होल का घूर्णन उसके आसपास के अंतरिक्ष-समय को प्रभावित करता है। आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार, घूमता हुआ द्रव्यमान आसपास के अंतरिक्ष-समय को अपने साथ खींचता है। इसे फ्रेम-ड्रैगिंग या लेंस-थिरिंग प्रभाव कहा जाता है। इससे अभिवृद्धि डिस्क का भीतरी हिस्सा डगमगा सकता है या समय के साथ अपनी दिशा बदल सकता है। इस बदलाव को अग्रगमन कहते हैं।

2025 में AT2020afhd नामक ज्वारीय विघटन घटना के प्रेक्षणों से तेज घूर्णन वाले ब्लैक होल के पास लेंस-थिरिंग अग्रगमन के संकेत मिले। ऐसी घटना तब होती है जब कोई तारा ब्लैक होल के बहुत करीब पहुंचकर उसके गुरुत्वाकर्षण से टूट जाता है। 2024 में शोधकर्ताओं ने ऐसी घटना के बाद बनी डिस्क के डगमगाने को मापकर ब्लैक होल के घूर्णन का अनुमान लगाने की विधि भी बताई थी।

प्रेक्षणों से घूर्णन का अनुमान

इवेंट होराइजन टेलीस्कोप ने M87″ और हमारी आकाशगंगा के केंद्र में स्थित Sagittarius A” की छवियां तैयार की हैं। इन छवियों में घूर्णन से जुड़े संकेतों का अध्ययन किया जा सकता है; गुरुत्वीय लेंसिंग के कारण ब्लैक होल के आसपास से गुजरने वाला प्रकाश मुड़ता है। 2023 में M87″ के जेट में करीब 11 वर्ष का चक्र दर्ज किया गया। इसे ब्लैक होल के घूर्णन-अक्ष और उसकी अभिवृद्धि डिस्क के बीच असंरेखण से जोड़ा गया।

घूर्णन का अनुमान लगाने वाले नतीजे इस्तेमाल किए गए मॉडल पर निर्भर कर सकते हैं। 2026 में सिग्नस एक्स-1 के विश्लेषण में अलग-अलग मॉडलों से घूर्णन के मान लगभग शून्य से लेकर भौतिक रूप से संभव अधिकतम मान के करीब तक मिले। इसलिए एक्स-रे संकेतों की व्याख्या में मॉडल का चुनाव महत्वपूर्ण है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सिग्नस एक्स-1 एक द्वितारा प्रणाली है, जिसमें एक ब्लैक होल मौजूद है।
  • M87″ मेसियर 87 आकाशगंगा के केंद्र में स्थित अतिविशाल ब्लैक होल है।
  • Sagittarius A* आकाशगंगा यानी मिल्की वे के केंद्र का अतिविशाल ब्लैक होल है।
  • क्यू़पीओ का अर्थ अर्ध-आवधिक दोलन है; लेंस-थिरिंग प्रभाव सामान्य सापेक्षता की एक भविष्यवाणी है।

अध्ययन दिखाता है कि एक्स-रे में होने वाले दोलन ब्लैक होल के आसपास के पदार्थ और उसके घूर्णन की जांच का एक उपयोगी तरीका हो सकते हैं।

Originally written on October 24, 2026 and last modified on October 24, 2026.

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