मेघालय राज्य चिड़ियाघर में स्टंप-टेल्ड मकाक का पहला सफल जन्म
वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मेघालय राज्य चिड़ियाघर ने जून 2026 में स्टंप-टेल्ड मकाक के पहले सफल जन्म का रिकॉर्ड दर्ज किया है। नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ बताया गया है और उसे उसकी मां तथा समूह के साथ पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। यह सफलता दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्टंप-टेल्ड मकाक की विशेषताएं
स्टंप-टेल्ड मकाक, जिसका वैज्ञानिक नाम मकाका आर्कटोइड्स (Macaca arctoides) है, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाने वाला एक प्रमुख प्राइमेट प्रजाति है। इसकी पहचान छोटे पूंछ, मजबूत शरीर और विशिष्ट चेहरे की बनावट से होती है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) की रेड लिस्ट में इस प्रजाति को “वल्नरेबल” अर्थात संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। प्राकृतिक आवासों के नष्ट होने, वनों की कटाई और मानव गतिविधियों के बढ़ते दबाव के कारण इसकी संख्या में लगातार गिरावट देखी गई है। यही कारण है कि इस प्रजाति के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
एक्स-सीटू संरक्षण की भूमिका
वन्यजीव संरक्षण में एक्स-सीटू संरक्षण एक महत्वपूर्ण रणनीति है। इसका अर्थ है किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक आवास से बाहर सुरक्षित वातावरण में संरक्षित करना। चिड़ियाघर, कैप्टिव ब्रीडिंग केंद्र, जीन बैंक और वनस्पति उद्यान इसके प्रमुख उदाहरण हैं। मेघालय राज्य चिड़ियाघर में जन्मा यह शावक ऐसे ही एक संरक्षण कार्यक्रम का परिणाम है। यहां मौजूद प्रजनन जोड़ा मिजोरम के आइजोल प्राणी उद्यान से पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत लाया गया था। इस प्रकार के आदान-प्रदान कार्यक्रमों का उद्देश्य कैद में रहने वाली आबादी में आनुवंशिक विविधता बनाए रखना होता है, जिससे प्रजातियों की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मेघालय राज्य चिड़ियाघर का संरक्षण योगदान
शिलांग स्थित मेघालय राज्य चिड़ियाघर राज्य के वन एवं वन्यजीव प्रशासन के अधीन संचालित होता है। यह संस्थान विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण, जागरूकता और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संकटग्रस्त प्रजातियों के कैप्टिव ब्रीडिंग कार्यक्रमों में पशु चिकित्सकीय निगरानी, उपयुक्त आवास प्रबंधन और नियंत्रित प्रजनन प्रक्रियाएं अत्यंत आवश्यक होती हैं। इस सफलता ने यह साबित किया है कि वैज्ञानिक प्रबंधन और उचित देखभाल के माध्यम से संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
वन्यजीव प्रबंधन में प्रजनन रिकॉर्ड का महत्व
चिड़ियाघरों में होने वाले सफल जन्म केवल एक उपलब्धि नहीं होते, बल्कि वे वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े भी प्रदान करते हैं। इन रिकॉर्डों के आधार पर प्रजातियों की आबादी, आनुवंशिक स्थिति और भविष्य की संरक्षण रणनीतियों का निर्धारण किया जाता है। मेघालय के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव एवं जैव विविधता) तथा मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डी. सथियन के नेतृत्व में राज्य में वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्टंप-टेल्ड मकाक का वैज्ञानिक नाम मकाका आर्कटोइड्स (Macaca arctoides) है।
- आईयूसीएन रेड लिस्ट में इस प्रजाति को “वल्नरेबल” श्रेणी में रखा गया है।
- एक्स-सीटू संरक्षण का अर्थ है प्रजातियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास के बाहर करना।
- पशु विनिमय कार्यक्रम चिड़ियाघरों में आनुवंशिक विविधता बनाए रखने और सफल प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
मेघालय राज्य चिड़ियाघर में स्टंप-टेल्ड मकाक के पहले सफल जन्म ने संरक्षण जगत में नई उम्मीद जगाई है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि वैज्ञानिक प्रबंधन, समर्पित संरक्षण प्रयासों और अंतर-चिड़ियाघर सहयोग के माध्यम से संकटग्रस्त प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में ऐसे प्रयास जैव विविधता संरक्षण को और अधिक मजबूत करेंगे।