मणिपुर में पूर्वोत्तर की लोककथा परंपरा को मिला साझा मंच
मणिपुर के इम्फाल पश्चिम जिले में प्रथम पूर्वोत्तर वारी लीबा महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। पाँच दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने इरोम मेइज्राओ मामांग सामुदायिक सभागार में किया। इसका उद्देश्य वारी लीबा की परंपरा को सहेजना और पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
इम्फाल में पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक भागीदारी
महोत्सव का आयोजन रेपर्टरी ऑफ वारी लीबा, खुराई ने इरोम मेइज्राओ विमेन्स फॉर कल्चरल सेंटर के सहयोग से किया है। इसे संस्कृति मंत्रालय की सांस्कृतिक समारोह एवं उत्पादन अनुदान योजना के तहत सहायता मिली है। आयोजन में कुल दस मंडलियां हिस्सा ले रही हैं—पाँच मणिपुर से और पाँच अन्य राज्यों से। इनमें असम और त्रिपुरा की मंडलियां भी शामिल हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में मणिपुर के कला एवं संस्कृति मंत्री ख. लोकेन सिंह भी उपस्थित रहे। महोत्सव के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ दिवंगत गुरुओं को श्रद्धांजलि दी जा रही है और सक्रिय कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है।
कथावाचन की जीवंत परंपरा पर जोर
वारी लीबा मणिपुर की कथावाचन परंपरा है, जिसमें कथाकार अपनी वाणी और हाव-भाव के सहारे कथा तथा उसके पात्रों को श्रोताओं के सामने जीवंत करता है। आवाज के उतार-चढ़ाव और हाथों की मुद्राएँ प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। महोत्सव में कलाकार श्यामकन्हाई सिंह ने महाभारत का एक प्रसंग सुनाया। इस तरह की प्रस्तुतियाँ पारंपरिक कला को दर्शकों तक पहुँचाने और कलाकारों को मंच देने का माध्यम बनती हैं।
महोत्सव का समापन छह नवंबर को
पाँच दिवसीय आयोजन का समापन छह नवंबर को निर्धारित है। समापन समारोह में गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम, महाराजा लीशेम्बा सनाजाओबा, जेएनएमडीए के निदेशक पुखराम्बम बिलाश सिंह और एमएसकेए पुरस्कार से सम्मानित लोइतोंगबम ब्रजमोहन सिंह के शामिल होने की अपेक्षा है। अलग-अलग राज्यों की मंडलियों की भागीदारी वारी लीबा को व्यापक पहचान देने के साथ पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता के आदान-प्रदान का अवसर भी देती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वारी लीबा में कथाकार की मौखिक प्रस्तुति, आवाज के उतार-चढ़ाव और हाथों के हाव-भाव से कथा के पात्रों को अलग-अलग रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
- सांस्कृतिक समारोह एवं उत्पादन अनुदान योजना के तहत पात्र सांस्कृतिक संगठनों को स्वीकृत कार्यक्रमों के लिए परियोजना-आधारित सहायता दी जाती है।
- प्रथम पूर्वोत्तर वारी लीबा महोत्सव 2026 का आयोजन इम्फाल पश्चिम जिले के इरोम मेइज्राओ मामांग सामुदायिक सभागार में हुआ।
- महोत्सव में दस मंडलियां भाग ले रही हैं, जिनमें पाँच मणिपुर और पाँच अन्य राज्यों से हैं।
यह महोत्सव पारंपरिक कथावाचन को मंच देने के साथ पूर्वोत्तर के कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं के बीच संवाद को मजबूत करता है।