भारत-रोमानिया साझेदारी को नई गति, बुखारेस्ट में तीन अहम समझौते
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की रोमानिया यात्रा के दौरान 23 जुलाई 2026 को बुखारेस्ट में भारत और रोमानिया के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इन समझौतों का दायरा विज्ञान-प्रौद्योगिकी, खेल और भारतीय अध्ययन तक फैला है। दोनों देशों के बीच यह पहल द्विपक्षीय संबंधों को केवल औपचारिक स्तर से आगे बढ़ाकर शोध, शिक्षा, कौशल और नवाचार के क्षेत्र में ठोस सहयोग की दिशा में ले जाती है।
विज्ञान, तकनीक और शोध सहयोग पर फोकस
पहला समझौता विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग कार्यक्रम से जुड़ा है। इसे रोमानिया की नेशनल अथॉरिटी फॉर रिसर्च और भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के बीच संपन्न किया गया। ऐसे समझौते आम तौर पर संयुक्त शोध, संस्थागत सहयोग, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में परियोजनाओं को बढ़ावा देते हैं। भारत के लिए यह कदम तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने और यूरोप के साथ नवाचार-आधारित संबंधों को विस्तार देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय अध्ययन और खेल सहयोग को नई दिशा
दूसरा समझौता बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में चेयर ऑफ इंडियन स्टडीज स्थापित करने से संबंधित है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) विदेशों में ऐसी शैक्षणिक चेयर्स को समर्थन देती है, ताकि भारत से जुड़े भाषा, संस्कृति, इतिहास और समकालीन अध्ययन को बढ़ावा मिल सके। इससे रोमानिया में भारत के बारे में अकादमिक समझ और गहरी होगी। तीसरा समझौता खेल क्षेत्र में संयुक्त आशय घोषणा के रूप में हुआ, जिस पर रोमानिया की नेशनल एजेंसी फॉर स्पोर्ट और भारत के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने हस्ताक्षर किए। यह सहयोग खेल प्रशासन, प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है।
व्यापार, प्रशिक्षण और कूटनीतिक संबंधों का विस्तार
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को तीन वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके लिए विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, कृषि उत्पादन, उर्वरक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों को सहयोग के लिए चिन्हित किया गया है। भारत ने रोमानिया के लिए आईटीईसी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण अवसरों को दोगुना करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर डिप्लोमेसी जैसे विशेष पाठ्यक्रम शामिल हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और रोमानिया के बीच राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ 2028 में पूरी होगी।
- दोनों देशों ने 2028 को “India-Romania Year of Innovation” के रूप में मनाने पर सहमति जताई है।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह यात्रा तीन दशकों से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की पहली रोमानिया यात्रा थी।
- आईसीसीआर विदेशों में भारतीय अध्ययन की शैक्षणिक चेयर्स को समर्थन देता है।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा 24 जुलाई 2026 को समाप्त हुई। तीन समझौतों और व्यापार-प्रशिक्षण से जुड़े फैसलों ने संकेत दिया है कि भारत-रोमानिया संबंध अब शिक्षा, नवाचार और रणनीतिक सहयोग के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं।