भारत-म्यांमार नौसैनिक सहयोग पर चर्चा, समुद्री सुरक्षा पर फोकस
भारत के नौसेना प्रमुख और म्यांमार की नौसेना नेतृत्व के बीच हाल ही में हुई बैठक ने दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। यह बैठक द्विपक्षीय रक्षा संबंधों का हिस्सा है, जिसमें दोनों देश अपनी सामरिक साझेदारी को गहरा करने पर लगातार कार्य कर रहे हैं। भारत और म्यांमार के बीच लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी स्थलीय सीमा के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी में समुद्री सीमा भी साझा होती है।
भारत-म्यांमार के समुद्री संबंध
भारत और म्यांमार बंगाल की खाड़ी और पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र के माध्यम से जुड़े हुए हैं। म्यांमार, भारत के पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है और अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम जैसे राज्यों से इसकी सीमा लगती है। म्यांमार दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) का सदस्य भी है, जिससे यह भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ में एक महत्वपूर्ण साझेदार बन जाता है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण दोनों देशों के बीच समुद्री और रणनीतिक सहयोग का महत्व बढ़ जाता है।
नौसैनिक सहयोग का ढांचा
दो देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग में कई गतिविधियां शामिल होती हैं, जैसे सूचना साझा करना, समन्वित गश्त, खोज एवं बचाव अभियान, और प्रशिक्षण आदान-प्रदान। भारत की नौसैनिक कूटनीति विशेष रूप से बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय है, जो हिंद महासागर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सहयोग समुद्री खतरों जैसे समुद्री डकैती, तस्करी और अवैध गतिविधियों से निपटने में मदद करता है, साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता को भी सुनिश्चित करता है।
बंगाल की खाड़ी का रणनीतिक महत्व
बंगाल की खाड़ी हिंद महासागर का उत्तर-पूर्वी भाग है, जो भारत, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका से घिरा हुआ है। यह क्षेत्र व्यापार, मत्स्य पालन और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रदान करता है। इस क्षेत्र में बढ़ती समुद्री गतिविधियों के कारण सुरक्षा और सहयोग की आवश्यकता और भी अधिक हो गई है, जिसमें भारत और म्यांमार की साझेदारी अहम भूमिका निभाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और म्यांमार के बीच लगभग 1,643 किमी लंबी स्थलीय सीमा है।
- म्यांमार की समुद्री तटरेखा बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के साथ लगती है।
- भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में संचालन करती है।
- म्यांमार आसियान का सदस्य देश है।
भारत और म्यांमार के बीच यह नौसैनिक सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।