भारत में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूती देगा लैम रिसर्च का बड़ा निवेश
अमेरिका की प्रमुख सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी लैम रिसर्च ने भारत में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश कई वर्षों में किया जाएगा और इसके तहत भारत में कंपनी की पहली सिलिकॉन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने के साथ बेंगलुरु में अपने उन्नत शोध एवं विकास कार्यों का विस्तार भी किया जाएगा। यह कदम भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे निर्माण, अनुसंधान और आपूर्ति-श्रृंखला तीनों स्तरों पर नई क्षमता जुड़ने की संभावना है।
भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग सुविधा
लैम रिसर्च की प्रस्तावित इकाई भारत में सिलिकॉन इंगट उत्पादन और प्रोसेसिंग से जुड़ी होगी। सिलिकॉन इंगट से ही सेमीकंडक्टर वेफर तैयार किए जाते हैं, जो चिप निर्माण की आधारभूत कड़ी हैं। कंपनी का यह ढांचा उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीकों और लीडिंग-एज नोड्स के लिए आवश्यक वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रक्रिया को समर्थन देगा।
सेमीकंडक्टर निर्माण में उपकरणों की भूमिका बेहद अहम होती है। लैम रिसर्च जैसी कंपनियां वेफर फैब्रिकेशन उपकरण उपलब्ध कराती हैं, जिनके बिना आधुनिक चिप उत्पादन संभव नहीं है। इसलिए भारत में इस तरह की इकाई का आना केवल निवेश नहीं, बल्कि तकनीकी क्षमता निर्माण का संकेत भी है।
बेंगलुरु में आरएंडडी विस्तार और कौशल विकास
कंपनी अपने बेंगलुरु स्थित इंजीनियरिंग कार्यों को भी मजबूत करेगी। बेंगलुरु में पहले से मौजूद India Center for Engineering लैम रिसर्च की भारत में इंजीनियरिंग उपस्थिति का हिस्सा है। इस विस्तार से डिजाइन, इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
लैम रिसर्च, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ मिलकर 2023-2033 के दौरान 60,000 छात्रों को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में प्रशिक्षित करने की योजना पर भी काम कर रही है। यह प्रशिक्षण कंपनी के वर्चुअल प्लेटफॉर्म Semiverse Solutions के जरिए दिया जाएगा। इससे उद्योग के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिल सकती है।
भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए क्यों अहम
भारत सरकार का India Semiconductor Mission देश में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन तथा इकोसिस्टम डेवलपमेंट को बढ़ावा देने वाला केंद्रीय कार्यक्रम है। यह मिशन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करता है। इसके दायरे में सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर और डिजाइन-लिंक्ड प्रोत्साहन शामिल हैं।
लैम रिसर्च का निवेश भारतीय सप्लायरों के साथ भी जुड़ाव बढ़ाएगा। कंपनी सामग्री, कंपोनेंट, गैस, केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेवाओं के लिए भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी करेगी। इससे स्थानीय वैल्यू चेन मजबूत होने और आयात निर्भरता घटाने की दिशा में मदद मिल सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- लैम रिसर्च अमेरिका-आधारित एक वैश्विक सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी है।
- सिलिकॉन इंगट सेमीकंडक्टर वेफर बनाने का कच्चा माल होता है।
- लीडिंग-एज नोड्स उन्नत चिप निर्माण तकनीकों को कहा जाता है, जिनका उपयोग हाई-परफॉर्मेंस चिप्स में होता है।
- भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) की स्थापना 1909 में हुई थी और यह भारत के सबसे पुराने शोध संस्थानों में से एक है।
कुल मिलाकर, यह निवेश भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण, अनुसंधान और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक चिप सप्लाई चेन में भागीदारी को नई मजबूती मिल सकती है।