भारत-ब्रिटेन व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार, एक अरब पाउंड से अधिक के सौदे
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक साझेदारी को नई मजबूती देते हुए ब्रिटिश कंपनियों ने एक अरब पाउंड से अधिक के नए वाणिज्यिक सौदों की घोषणा की है। ये घोषणाएं 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (जेटको) की 16वीं बैठक के दौरान की गईं। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान एवं व्यापार मामलों के राज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने की।
जेटको के जरिए व्यापारिक संवाद
जेटको भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक तथा व्यापारिक संबंधों पर चर्चा का द्विपक्षीय मंच है। इस बैठक में ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल में 100 से अधिक कंपनियां और उत्तरी इंग्लैंड के सात महापौर शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में दिल्ली और मुंबई के दौरे भी रखे गए, ताकि भारतीय साझेदारों के साथ कारोबारी संबंध विकसित किए जा सकें और बाजार तक पहुंच बढ़ाई जा सके।
घोषित सौदों का दायरा विमानन सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य सेवा, उन्नत संचार और इंजीनियरिंग तक फैला है। मेटा फॉर डेटा टेक्नोलॉजीज ने ब्रिटेन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान के लिए पांच करोड़ पाउंड देने की प्रतिबद्धता जताई है। विमानन सेवा कंपनी मेन्जीज एविएशन भारत में अपना विस्तार करके 60 करोड़ पाउंड से अधिक का राजस्व अर्जित करने की योजना बना रही है।
सौदों का असर और नए अवसर
जुलाई 2025 में भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद घोषित सौदों का कुल मूल्य अब लगभग 12 अरब पाउंड तक पहुंच गया है। इन निवेश और कारोबारी पहलों से दोनों देशों में हजारों रोजगारों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल में खाद्य एवं पेय क्षेत्र की कंपनियां भी शामिल थीं। स्कॉटलैंड की कंपनियों ने भारत में सैल्मन मछली और व्हिस्की के निर्यात के अवसर तलाशे।
मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ी उम्मीदें
मुक्त व्यापार समझौता ऐसा करार है जिसके तहत भागीदार देश तय वस्तुओं और सेवाओं पर व्यापार बाधाओं को घटाते या हटाते हैं। भारत-ब्रिटेन समझौता बैठक से करीब तीन महीने पहले लागू हुआ था। इसके तहत भारत के वाहन क्षेत्र के लिए कोटा-आधारित शुल्क रियायतें भी शामिल हैं। समझौते से वर्ष 2040 तक द्विपक्षीय व्यापार में हर साल 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी का अनुमान है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति को संक्षेप में जेटको कहा जाता है।
- जेटको की 16वीं बैठक 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई।
- भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर जुलाई 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे।
- इस समझौते से 2040 तक द्विपक्षीय व्यापार में सालाना 25.5 अरब पाउंड की वृद्धि का अनुमान है।
भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए संकेत
बैठक में पीयूष गोयल ने भारत को वैश्विक वाहन विनिर्माण केंद्र बनाने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोप में नियामकीय दबावों के बीच वहां की कंपनियां भारत में उत्पादन स्थानांतरित करने पर विचार कर सकती हैं। यह रुख भारत में विनिर्माण क्षमता और विदेशी निवेश बढ़ाने की व्यापक कोशिशों से जुड़ता है।
नए सौदे और मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को विस्तार देने का अवसर प्रदान करते हैं। आने वाले वर्षों में इन पहलों का वास्तविक असर व्यापार, निवेश और रोजगार पर निर्भर करेगा।