भारत-ब्राजील रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग को मिली नई गति

भारत-ब्राजील रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग को मिली नई गति

भारत और ब्राजील रक्षा, विमानन, अंतरिक्ष तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी का दायरा बढ़ा रहे हैं। 31 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग इन क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रहा है। ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हाचिंस्की दा नोब्रेगा के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार जल्द ही 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

संस्थागत ढांचे से मजबूत होती साझेदारी

भारत और ब्राजील के रक्षा संबंधों की औपचारिक नींव 2003 के रक्षा सहयोग समझौते से पड़ी थी, जिसे 2006 में अनुमोदित किया गया। इसके तहत संयुक्त रक्षा समिति बनाई गई; इसकी आठवीं बैठक जुलाई 2025 में ब्रासीलिया में हुई। मार्च 2024 में शुरू हुआ ‘2+2 राजनीतिक-सैन्य संवाद’ और रक्षा औद्योगिक सहयोग समूह भी दोनों देशों के बीच नियमित संपर्क का माध्यम हैं।

जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा के दौरान नेताओं ने दस वर्ष की रूपरेखा अपनाई, जिसमें रक्षा और सुरक्षा प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्रों में शामिल हैं। 2023 के जी-20 शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने सैन्य अभ्यास, प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, रक्षा प्रदर्शनियों में उद्योगों की भागीदारी और संयुक्त विकास तथा सह-उत्पादन को प्रोत्साहित किया था।

मिसाइल, पनडुब्बी और विमानन क्षेत्र में पहल

अक्टूबर 2026 में ब्राजील का सैन्य प्रतिनिधिमंडल दो सप्ताह के भारत दौरे पर आया और उसने ब्रह्मोस तथा आकाश प्रणालियों का अध्ययन किया। ब्राजील ब्रह्मोस में जहाज-रोधी और सटीक हमले की क्षमता के लिए रुचि रखता है, जबकि वायु-रक्षा व्यवस्था के आधुनिकीकरण के संदर्भ में आकाश का मूल्यांकन कर रहा है। दिसंबर 2025 के समझौता ज्ञापन के तहत ब्राजील की नौसेना, भारतीय नौसेना और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों और अन्य सैन्य जहाजों पर तकनीकी जानकारी साझा करने तथा सहयोग का प्रावधान किया।

विमानन क्षेत्र में 27 जनवरी 2026 को अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और एम्ब्रेयर ने भारत में क्षेत्रीय विमानों का एकीकृत तंत्र विकसित करने के लिए समझौता किया। इसमें निर्माण, आपूर्ति शृंखला, विमान सेवा और पायलट प्रशिक्षण शामिल हैं। अक्टूबर 2026 में ब्राजील के मंत्री मार्सियो एलियास रोजा ने एम्ब्रेयर के भारत में निवेश की संभावना भी उठाई। अंतरिक्ष क्षेत्र में 7 अक्टूबर 2026 को ब्राजील की कॉन्सर्ट टेक्नोलॉजीज और स्काईरूट एयरोस्पेस ने ऐसा प्रक्षेपण यान विकसित करने के लिए समझौता किया, जो कम पृथ्वी कक्षा में कम-से-कम 100 किलोग्राम भार ले जा सके।

अंतरिक्ष और व्यापार संबंधों का व्यापक दायरा

भारत ने 2021 में अमेजोनिया-1 उपग्रह प्रक्षेपित किया था। यह ब्राजील का पहला पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह था, जिसे ब्राजील ने पूरी तरह तैयार, एकीकृत, परीक्षण और संचालित किया। रक्षा और अंतरिक्ष के साथ दोनों देश महत्त्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा, औषधियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भी सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। व्यापार बढ़ाने के लिए भारत और दक्षिण अमेरिकी साझा बाजार मर्कोसुर के बीच तरजीही व्यापार समझौता भी लागू है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अमेजोनिया-1 में उन्नत विस्तृत क्षेत्र प्रतिबिंबक कैमरा लगा है, जिसकी स्थानिक विभेदन क्षमता 60 मीटर है।
  • अमेजोनिया-1 का संचालन सीबीईआरएस-4 उपग्रह कार्यक्रम के साथ संयुक्त रूप से नियोजित किया गया था।
  • भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते पर 2004 में हस्ताक्षर हुए और यह 2009 में लागू हुआ।
  • ब्रह्मोस का विकास भारत और रूस के 1998 के अंतर-सरकारी समझौते के तहत हुआ; इसका निर्माण भारत के डीआरडीओ और रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उपक्रम द्वारा किया जाता है।

इन पहलों से भारत-ब्राजील संबंध केवल व्यापार तक सीमित न रहकर रक्षा उत्पादन, तकनीकी आदान-प्रदान और अंतरिक्ष सहयोग के व्यापक मंच में बदल रहे हैं।

Originally written on October 31, 2026 and last modified on October 31, 2026.

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