भारत के एलएनजी आयात में ओमान बना सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता
सितंबर 2026 में ओमान ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत के लिए द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता स्थान हासिल किया। इस महीने भारत ने कुल 21.7 लाख टन एलएनजी आयात की, जो अगस्त के 25 लाख टन से 14 प्रतिशत कम थी। आयात में गिरावट के बावजूद आपूर्तिकर्ताओं की सूची में बड़ा बदलाव भारत की ऊर्जा खरीद में बदलते समीकरणों को दिखाता है।
ओमान की आपूर्ति में बढ़ोतरी
ओमान ने सितंबर में भारत को 5.85 लाख टन एलएनजी भेजी। यह अगस्त की तुलना में 11.6 प्रतिशत अधिक थी और भारत के कुल मासिक आयात का लगभग 27 प्रतिशत रही। नाइजीरिया 3.51 लाख टन की आपूर्ति के साथ दूसरे स्थान पर रहा, हालांकि उसकी खेप में पिछले महीने के मुकाबले 35 प्रतिशत की गिरावट आई।
अमेरिका अगस्त में 8.48 लाख टन एलएनजी के साथ भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था, लेकिन सितंबर में उसकी आपूर्ति 59 प्रतिशत घट गई और वह तीसरे स्थान पर आ गया। पहले भारत के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल कतर इस महीने लगभग 94 हजार टन की आपूर्ति के साथ छठे स्थान पर रहा।
आपूर्ति में बदलाव के पीछे के कारण
सितंबर का आयात परिदृश्य पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक व्यवधानों के बीच ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के भारत के प्रयासों से प्रभावित हुआ। यूरोपीय आयातकों के साथ अमेरिकी एलएनजी खेपों के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भी भारत को उपलब्ध आपूर्ति पर असर डाला। कतर से आने वाली खेपें मार्च 2026 में रास लफ्फान औद्योगिक नगर पर ईरान के हमले के बाद उत्पन्न व्यवधानों से आंशिक रूप से प्रभावित हुईं।
भारत एलएनजी का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण, नगर गैस वितरण और उद्योगों में करता है। इसलिए आपूर्तिकर्ताओं की उपलब्धता और आयात के रास्तों में बदलाव ऊर्जा की घरेलू उपलब्धता तथा इन क्षेत्रों की आपूर्ति के लिए महत्त्व रखते हैं। आपूर्तिकर्ताओं में विविधता किसी एक क्षेत्र या देश से आने वाली खेपों पर निर्भरता घटाने में मदद कर सकती है।
एलएनजी का आयात और उपयोग
प्राकृतिक गैस को लगभग −162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करने पर वह तरल बन जाती है। तरलीकरण से उसका आयतन गैसीय अवस्था की तुलना में लगभग छह सौवें हिस्से तक सिमट जाता है, जिससे जहाजों के जरिए लंबी दूरी तक परिवहन संभव होता है। इसके लिए विशेष रूप से तापरोधित जहाजों का उपयोग किया जाता है।
भारत के आयात टर्मिनलों पर एलएनजी को फिर से गैसीय अवस्था में बदला जाता है। इस प्रक्रिया को पुनर्गैसीकरण कहते हैं। इसके बाद गैस को घरेलू गैस नेटवर्क के जरिए विभिन्न उपभोक्ताओं और उद्योगों तक पहुंचाया जा सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एलएनजी प्राकृतिक गैस का तरल रूप है और इसे विशेष तापरोधित जहाजों में ले जाया जाता है।
- आयातित एलएनजी को दोबारा गैस में बदलने की प्रक्रिया पुनर्गैसीकरण कहलाती है।
- रास लफ्फान औद्योगिक नगर कतर का प्रमुख प्राकृतिक गैस और एलएनजी परिसर है।
- सितंबर 2026 में भारत ने 21.7 लाख टन एलएनजी आयात की; ओमान ने 5.85 लाख टन की आपूर्ति की।
भारत के एलएनजी आपूर्तिकर्ताओं की सितंबर की सूची में ओमान का शीर्ष पर पहुंचना और अमेरिकी आपूर्ति में कमी ऊर्जा व्यापार में बदलती परिस्थितियों को रेखांकित करती है।