भारत–ऑस्ट्रेलिया अंतरिक्ष साझेदारी से बढ़ेगा स्पेस इकोसिस्टम
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को 8 सितंबर 2026 को नई गति मिली, जब बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में पांच उद्योग साझेदारियों की घोषणा की गई। इन समझौतों का दायरा उपग्रह अवसंरचना, अंतरिक्ष यान की रिकवरी, स्पेसपोर्ट गतिविधियों, शोध सहयोग और उन्नत विनिर्माण तक फैला है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते स्पेस-इकोसिस्टम और व्यावसायिक अंतरिक्ष गतिविधियों के विस्तार को दर्शाता है।
बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में सहयोग का नया दौर
ऑस्ट्रेलियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कमीशन यानी Austrade ने 12 सदस्यीय ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष उद्योग प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस प्रतिनिधिमंडल में पृथ्वी अवलोकन, पुन: उपयोग योग्य अंतरिक्ष यान की रिकवरी और वाणिज्यिक अंतरिक्ष संचालन से जुड़े संस्थान और कंपनियां शामिल थीं। बेंगलुरु स्पेस एक्सपो 2026 में हुई ये घोषणाएं इस बात का संकेत हैं कि भारत अब वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक अहम साझेदार और बाजार दोनों बनता जा रहा है।
उपग्रह, ग्राउंड स्टेशन और मिशन सपोर्ट पर फोकस
इन साझेदारियों में सबसे महत्वपूर्ण समझौता ऑस्ट्रेलियाई पृथ्वी-अवलोकन कंपनी LatConnect 60 और NewSpace India Limited (NSIL) के बीच हुआ। इस व्यवस्था के तहत SWIRSAT मिशन को भारत में NSIL की ग्राउंड-स्टेशन अवसंरचना का उपयोग संचालन और डेटा डाउनलिंक के लिए मिलेगा। NSIL, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो की वाणिज्यिक इकाई है, जो लॉन्च सेवाओं, उपग्रह सेवाओं और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों को संभालती है।
रिकवरी, स्पेसपोर्ट और शोध सहयोग को बढ़ावा
अंतरिक्ष यान की सुरक्षित वापसी और परीक्षण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए भी कई समझौते हुए। Space Angel Group Pty Ltd ने हैदराबाद स्थित Andura Expeditions के साथ स्पेसपोर्ट गतिविधियों, अंतरिक्ष यान परीक्षण, उच्च-ऊंचाई ड्रॉप-टेस्ट अभियानों और हाइपरसोनिक रिकवरी के लिए समझौता किया। इसी कंपनी ने चेन्नई की Inbound Aerospace के साथ स्वायत्त पुन: उपयोग योग्य कैप्सूल और माइक्रोग्रैविटी पेलोड की रिकवरी पर भी काम किया है। इसके अलावा, Space Angel Group और विजयवाड़ा स्थित Red Balloon Aerospace Private Limited के बीच भविष्य के वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशनों के लिए साझेदारी बनी, जिसमें अंतरिक्ष यान और क्षुद्रग्रहों व अन्य खगोलीय पिंडों से प्राप्त संसाधनों की सुरक्षित वापसी पर ध्यान रहेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बेंगलुरु स्पेस एक्सपो कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित एक प्रमुख अंतरिक्ष उद्योग आयोजन है।
- Gaganyaan भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है, जिसे इसरो विकसित कर रहा है।
- Austrade ऑस्ट्रेलिया का व्यापार और निवेश संवर्धन आयोग है।
- NSIL इसरो की वाणिज्यिक शाखा है, जो अंतरिक्ष सेवाओं और तकनीकी सहयोग से जुड़ी गतिविधियां संभालती है।
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी सहयोग का रास्ता खुला है। University of Western Australia और Space Industry Association of India ने UWA की Global Engagement Alliance के तहत सहयोग की घोषणा की है। इसमें शिक्षा, शोध, उद्योग संपर्क और ज्ञान-विनिमय जैसे क्षेत्र शामिल रहेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने 7 सितंबर 2026 को बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में भारत के गगनयान कार्यक्रम के लिए ऑस्ट्रेलिया की ट्रैकिंग और मॉड्यूल रिकवरी सहायता का भी उल्लेख किया। इससे स्पष्ट है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया अंतरिक्ष साझेदारी अब केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि उद्योग, अनुसंधान और मिशन सपोर्ट के व्यापक ढांचे में बदल रही है।