भारतीय रेल की बिजली चालित छलांग, दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंचा नेटवर्क
भारतीय रेल ने अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के 99.6% विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। 22 जुलाई 2026 तक की इस उपलब्धि ने उसे दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्कों में स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे स्थान पर ला खड़ा किया है। यह बदलाव सिर्फ तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि ईंधन बचत, कम प्रदूषण और तेज रेल संचालन की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।
विद्युतीकरण क्यों है महत्वपूर्ण
रेलवे विद्युतीकरण का अर्थ है ट्रेनों को डीजल के बजाय बिजली से चलाना, जिसमें ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम या अन्य विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग होता है। भारतीय रेल ने यह काम चरणबद्ध तरीके से ट्रंक रूट, ब्रांच लाइन और माल ढुलाई गलियारों तक फैलाया है। इससे संचालन लागत घटती है और आयातित ईंधन पर निर्भरता भी कम होती है। रेल मंत्रालय के अनुसार, 2014 से 2026 के बीच 48,072 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया। इसके मुकाबले 2014 से पहले के छह दशकों में केवल 21,801 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। यह आंकड़ा बताता है कि हाल के वर्षों में गति कितनी तेज रही है।
डीजल खपत में बड़ी गिरावट
विद्युतीकरण का सबसे सीधा असर डीजल खपत पर पड़ा है। ट्रेन संचालन में डीजल की खपत 2015-16 में 293 करोड़ लीटर थी, जो 2024-25 में घटकर 108 करोड़ लीटर रह गई। यानी लगभग 185 करोड़ लीटर की कमी आई। यह गिरावट रेलवे की ऊर्जा संरचना में बड़े बदलाव का संकेत देती है। कम डीजल उपयोग का अर्थ केवल खर्च में कमी नहीं है, बल्कि विदेशी ईंधन पर निर्भरता घटने और लॉजिस्टिक्स प्रणाली के अधिक टिकाऊ बनने से भी जुड़ा है।
नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भी बढ़ा रेलवे
भारतीय रेल ने बिजली आधारित संचालन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा पर भी जोर बढ़ाया है। जून 2026 तक रेलवे ने 1,260 मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता चालू की थी। इसमें लगभग 1,161 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। इसके अलावा अब सभी नई रेल लाइन परियोजनाएं और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं एकीकृत विद्युतीकरण ढांचे के साथ स्वीकृत और निर्मित की जा रही हैं। इससे भविष्य में अलग से विद्युतीकरण जोड़ने की जरूरत कम होगी और परियोजनाएं अधिक समन्वित तरीके से पूरी होंगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्विट्जरलैंड 100% रेलवे विद्युतीकरण के साथ दुनिया में पहले स्थान पर है।
- भारत 99.6% ब्रॉड गेज विद्युतीकरण के साथ बड़े रेलवे नेटवर्कों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
- चीन में रेलवे विद्युतीकरण लगभग 82% है, जबकि स्पेन में 67% और जापान में 64% है।
- रेल परिवहन, सड़क परिवहन की तुलना में प्रति टन-किलोमीटर लगभग 89% कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करता है।
लोकसभा में 22 जुलाई 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी रखी। यह उपलब्धि भारतीय रेल के ऊर्जा संक्रमण, पर्यावरणीय सुधार और आधुनिक परिवहन ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।