बीपीएएल पेटेंट आवेदन खारिज, टीबी उपचार की उपलब्धता पर अहम फैसला

बीपीएएल पेटेंट आवेदन खारिज, टीबी उपचार की उपलब्धता पर अहम फैसला

भारतीय पेटेंट कार्यालय ने 27 अक्टूबर 2026 को अमेरिका स्थित टीबी एलायंस के बीपीएएल दवा संयोजन से जुड़े पेटेंट आवेदन को खारिज कर दिया। बीपीएएल में बेडाक्विलीन, प्रेटोमैनिड और लाइनज़ोलिड शामिल हैं। इसका उपयोग दवा-प्रतिरोधी तपेदिक के इलाज के लिए छह महीने के मौखिक उपचार क्रम में किया जाता है।

आवेदन का विरोध और उठाए गए तर्क

इस आवेदन के खिलाफ जुलाई 2020 में पेटेंट-पूर्व विरोध दर्ज कराया गया था। इसमें दिल्ली नेटवर्क ऑफ पॉजिटिव पीपल, संकल्प रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट, थर्ड वर्ल्ड नेटवर्क, लॉयर्स कलेक्टिव और मेडेकिन सैं फ्रोंतिएर की पहुँच अभियान जैसी संस्थाएं शामिल थीं। विरोधकर्ताओं का कहना था कि 2015 से उपलब्ध वैज्ञानिक शोध और नैदानिक परीक्षणों में दवाओं के इस संयोजन तथा कम अवधि वाले उपचार के उपयोग का खुलासा पहले ही हो चुका था।

पेटेंट कार्यालय ने नवीनता की कमी, आविष्कारशील कदम का अभाव, पेटेंट के लिए अयोग्यता और पर्याप्त जानकारी न दिए जाने को आवेदन खारिज करने के आधारों में शामिल किया। यह फैसला पेटेंट अधिनियम, 1970 की धाराओं 3(घ), 3(ङ) और 3(झ) के संदर्भ में आया।

पेटेंट कानून की धाराएं क्यों अहम हैं

धारा 25(1) के तहत कोई भी व्यक्ति प्रकाशित पेटेंट आवेदन पर, पेटेंट दिए जाने से पहले, विरोध दर्ज करा सकता है। इसे पेटेंट-पूर्व विरोध कहा जाता है। इसका उद्देश्य पेटेंट मिलने से पहले आवेदन की वैधता पर आपत्ति उठाने का अवसर देना है।

धारा 3(घ) किसी ज्ञात पदार्थ के नए रूप को पेटेंट देने पर रोक लगाती है, जब तक उसकी प्रभावकारिता में बढ़ोतरी साबित न हो। धारा 3(ङ) ज्ञात पदार्थों के साधारण मिश्रण को पेटेंट योग्य नहीं मानती, जबकि धारा 3(झ) मनुष्यों के उपचार की विधियों को पेटेंट से बाहर रखती है। इन प्रावधानों के आधार पर कार्यालय ने इस आवेदन को स्वीकार नहीं किया।

टीबी उपचार पर फैसले का संदर्भ

भारत में 2024 के दौरान तपेदिक के अनुमानित 27.1 लाख नए मामले सामने आए, जो दुनिया के कुल मामलों का लगभग एक-चौथाई थे। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 15,000 से अधिक मरीजों को बीपीएएलएम उपचार दिया जा चुका है। बीपीएएलएम में बीपीएएल के तीन घटकों के साथ मोक्सीफ्लॉक्सासिन भी शामिल होता है।

यह निर्णय केवल टीबी एलायंस के इस विशेष आवेदन को भारत में पेटेंट मिलने से रोकता है। इससे संबंधित दवाओं के सभी अन्य पेटेंट अधिकार या नियामकीय शर्तें अपने-आप समाप्त नहीं होतीं। टीबी एलायंस के बीपीएएल से जुड़े 11 सक्रिय पेटेंट कुछ देशों में हैं और उनके 2036 में समाप्त होने की जानकारी दी गई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बीपीएएल में बेडाक्विलीन, प्रेटोमैनिड और लाइनज़ोलिड शामिल हैं।
  • बीपीएएलएम में बीपीएएल के साथ मोक्सीफ्लॉक्सासिन भी जोड़ा जाता है।
  • पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 25(1) पेटेंट-पूर्व विरोध का प्रावधान करती है।
  • धारा 3(घ), 3(ङ) और 3(झ) कुछ प्रकार के पदार्थों, मिश्रणों और उपचार-विधियों को पेटेंट से बाहर रखती हैं।

यह फैसला पेटेंट-पूर्व विरोध और पेटेंट कानून के अपवादों की व्यावहारिक भूमिका को रेखांकित करता है। साथ ही, यह स्पष्ट करता है कि आवेदन खारिज होने का दायरा उसी आवेदन तक सीमित है।

Originally written on October 29, 2026 and last modified on October 29, 2026.

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