बिहार के सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश और कक्षा के वीडियो पर सख्ती

बिहार के सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश और कक्षा के वीडियो पर सख्ती

बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के समय अनधिकृत बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। साथ ही, कक्षा के दौरान शिक्षक और विद्यार्थी बिना संबंधित अधिकारियों की पूर्व अनुमति के वीडियो या सोशल मीडिया रील नहीं बना सकेंगे और न ही उन्हें अपलोड कर सकेंगे। विभाग ने इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

कक्षा समय में प्रवेश और रिकॉर्डिंग पर रोक

स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने 4 नवंबर 2026 को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश जारी किए। आदेश के अनुसार, शिक्षण अवधि में स्कूल परिसर में ऐसे बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा जिन्हें अधिकृत अनुमति प्राप्त न हो। कक्षा के दौरान वीडियो या रील बनाने और उन्हें साझा करने पर भी पूर्व अनुमति की शर्त लागू होगी।

विभाग के मुताबिक, इन उपायों का उद्देश्य विद्यार्थियों की निजता की रक्षा करना, स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना और पढ़ाई के दौरान होने वाले व्यवधान को रोकना है। निर्देश बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 और बिहार सरकारी सेवक आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 के तहत जारी किए गए हैं। उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

पोशाक और विद्यार्थियों के दस्तावेजों पर भी निर्देश

स्कूलों में अनुशासन को लेकर विभाग ने हाल में अन्य कदम भी उठाए हैं। 30 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के समय औपचारिक पोशाक निर्धारित की गई। जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़ों पर रोक लगाई गई है।

इसके अतिरिक्त, 5 नवंबर के आदेश में स्कूलों को नामांकित बच्चों के जन्म प्रमाणपत्रों का अभिलेख रखने और प्रत्येक बच्चे के लिए व्यक्तिगत या संयुक्त बैंक खाता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए 31 दिसंबर 2026 तक की समय-सीमा तय की गई है। ये निर्देश स्कूलों से विद्यार्थियों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और बैंकिंग व्यवस्था पूरी करने की अपेक्षा करते हैं।

स्कूल व्यवस्था के व्यापक संदर्भ में फैसले

सरकारी स्कूल बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक कम आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख, और कई जगह एकमात्र, उपलब्ध विकल्प हैं। ऐसे में कक्षा का समय पढ़ाई के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण है। बाहरी प्रवेश और रिकॉर्डिंग पर नियंत्रण का उद्देश्य स्कूल परिसर में बच्चों की निजता के साथ-साथ शिक्षण प्रक्रिया को भी सुरक्षित रखना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बिहार के अधिकांश स्कूल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबद्ध हैं।
  • केंद्रीय विद्यालय और कुछ अन्य स्कूल, जिनमें कुछ ईसाई मिशनरी स्कूल भी शामिल हैं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूल गरीब परिवारों के बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा का अहम साधन हैं।
  • 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के दशक के शुरुआती वर्षों में बिहार सरकार ने बड़ी संख्या में निजी स्कूलों का प्रबंधन अपने हाथ में लिया था।

नए निर्देश स्कूल परिसर में अनुशासन, विद्यार्थियों की निजता और बुनियादी अभिलेख व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में हैं। इनके प्रभावी पालन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रशासन पर होगी।

Originally written on November 6, 2026 and last modified on November 6, 2026.

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