तमिलनाडु में निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध मंजूरी देने की नई व्यवस्था
तमिलनाडु सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने और बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 3 नवंबर 2026 को 20 सदस्यीय तमिलनाडु निवेश प्रोत्साहन आयोग का गठन किया। इसी दिन लागू हुए तमिलनाडु व्यापार सुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत आयोग को वैधानिक आधार मिला है। इसका उद्देश्य निवेश की घोषणाओं को परियोजनाओं, व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार में बदलने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
बड़ी और रणनीतिक परियोजनाओं पर रहेगा जोर
आयोग उन निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करेगा जिनमें कम से कम 200 करोड़ रुपये की प्रस्तावित पूंजी हो या जिनसे 5,000 अथवा उससे अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद हो। मुक्त व्यापार समझौतों से जुड़े निवेश और विदेशों में रहने वाले तमिल मूल के लोगों से आने वाले निवेश को आकर्षित करना भी इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य का लक्ष्य 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।
आयोग के अध्यक्ष तमिलनाडु के मुख्य सचिव होंगे। उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और वाणिज्य विभाग के सचिव सदस्य-संयोजक की भूमिका निभाएंगे। वित्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, ऊर्जा, पर्यावरण, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं, नगर प्रशासन, आवास एवं शहरी विकास तथा वाणिज्यिक कर विभागों के सचिव भी इसके सदस्य हैं। भूमि सुधार और भूमि प्रशासन आयुक्त, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव तथा Guidance Tamil Nadu के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी आयोग में शामिल हैं।
विभागों के बीच समन्वय और मंजूरी की समय-सीमा
नई व्यवस्था के तहत 22 राज्य कानूनों को एक साझा निवेश-सुविधा ढांचे से जोड़ा जाएगा। सामान्य नियामकीय मंजूरियों के लिए 21 दिनों का लक्ष्य रखा गया है; सार्वजनिक और स्थानीय अवकाश इस गणना में शामिल नहीं होंगे। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने में होने वाली देरी कम करने और परियोजनाओं के लिए अधिक अनुमानित समय-सीमा तय करने में मदद मिल सकती है।
आयोग का प्रस्ताव राज्यपाल के अभिभाषण में रखा गया था और Guidance Tamil Nadu ने इसकी सिफारिश की थी। यह संस्था राज्य की निवेश प्रोत्साहन संबंधी नोडल एजेंसी है और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित सरकारी विभागों के साथ समन्वय करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- तमिलनाडु के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का हिस्सा 54 प्रतिशत, विनिर्माण का 33 प्रतिशत और कृषि का 13 प्रतिशत है।
- राज्य के कुल निवेश में सरकार का हिस्सा 52 प्रतिशत, निजी भारतीय निवेशकों का 29.9 प्रतिशत और विदेशी निजी निवेशकों का 14.9 प्रतिशत है।
- मुक्त व्यापार समझौते के तहत रियायती शुल्क पाने के लिए उत्पाद को संबंधित मूल-स्थान नियमों पर खरा उतरना होता है; किसी वस्तु का केवल साझेदार देश से होकर भेजा जाना पर्याप्त नहीं है।
- Guidance Tamil Nadu राज्य की नोडल निवेश प्रोत्साहन एजेंसी है।
नया आयोग निवेश प्रस्तावों की समीक्षा और सरकारी विभागों के समन्वय को एक मंच पर लाता है। इसकी प्रभावशीलता इस बात से तय होगी कि निवेश प्रतिबद्धताएं कितनी तेजी से वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार में बदलती हैं।