पेनिसिलिन जी आयात की जांच से घरेलू दवा उत्पादन पर नजर

पेनिसिलिन जी आयात की जांच से घरेलू दवा उत्पादन पर नजर

भारत ने चीन से पेनिसिलिन जी और इसके लवणों के आयात की एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने 28 सितंबर 2026 को यह कदम घरेलू उत्पादक लाइफियस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत के बाद उठाया। कंपनी का आरोप है कि आयात के कारण भारत में इस उत्पाद के घरेलू उद्योग की स्थापना और विकास में गंभीर बाधा आई है।

जांच का दायरा और अवधि

जांच में चीन से आने वाली पेनिसिलिन जी के सभी रूप, श्रेणियां, शक्तियां और सांद्रताएं शामिल हैं। इसके नमक रूपों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच के लिए निर्धारित अवधि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक है।

डीजीटीआर ने शुरुआती तौर पर डंपिंग और घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंचने की आशंका से जुड़े पर्याप्त संकेत पाए हैं। इस प्रारंभिक आकलन को प्रथम दृष्टया निष्कर्ष कहा जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि जांच पूरी हो गई है या डंपिंग साबित हो चुकी है। जांच में संबंधित पक्षों से जानकारी लेकर यह देखा जाएगा कि आयात किस कीमत पर हुआ और उसका घरेलू उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ा।

घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने का संदर्भ

पेनिसिलिन जी, जिसे बेंज़िलपेनिसिलिन भी कहा जाता है, दवाओं के निर्माण में उपयोग होने वाला एक प्रमुख शुरुआती पदार्थ और सक्रिय औषधीय घटक है। इस उत्पाद का देश में उत्पादन फिर शुरू करना दवा निर्माण के लिए जरूरी कच्चे माल की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2024 में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में लाइफियस फार्मा की पेनिसिलिन जी उत्पादन इकाई का उद्घाटन किया था। इस संयंत्र की घोषित क्षमता 15,000 टन है। भारत में इसका घरेलू उत्पादन 1980 के दशक के उत्तरार्ध के बाद ठहर गया था। ऐसे में आयात और कीमतों से जुड़ी जांच का परिणाम इस क्षेत्र में नए उत्पादन की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

एंटी-डंपिंग प्रक्रिया कैसे काम करती है

डंपिंग का सामान्य अर्थ है किसी उत्पाद को निर्यातक देश में उसके सामान्य मूल्य से कम कीमत पर दूसरे देश में बेचना। विश्व व्यापार संगठन के नियमों के तहत एंटी-डंपिंग कार्रवाई के लिए डंपिंग के साथ घरेलू उद्योग को वास्तविक नुकसान या नुकसान का खतरा और दोनों के बीच कारण-संबंध स्थापित करना जरूरी है।

भारत में डीजीटीआर मामले की जांच कर शुल्क लगाने की सिफारिश कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय लेता है। इसलिए जांच शुरू होने से चीन से आयात पर स्वतः कोई शुल्क नहीं लगता। 23 से 28 सितंबर 2026 के बीच भारत ने चीन से आने वाले उत्पादों के खिलाफ सात एंटी-डंपिंग जांच शुरू कीं, जिनमें चार औषधि उत्पादों से संबंधित थीं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • डीजीटीआर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
  • पेनिसिलिन जी का दूसरा नाम बेंज़िलपेनिसिलिन है।
  • विश्व व्यापार संगठन का एंटी-डंपिंग समझौता डंपिंग की जांच और उपायों के नियम तय करता है।
  • डीजीटीआर जांच और सिफारिश करता है; शुल्क लगाने का अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय का होता है।

यह जांच घरेलू उत्पादन को नुकसान पहुंचने के आरोपों की पड़ताल करेगी। अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी एंटी-डंपिंग शुल्क को लागू मानना उचित नहीं होगा।

Originally written on October 11, 2026 and last modified on October 11, 2026.

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