आंध्र प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों तक सड़क और डिजिटल पहुंच का विस्तार

आंध्र प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों तक सड़क और डिजिटल पहुंच का विस्तार

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण ने 11 अक्टूबर 2026 को ‘आदवि थल्ली बाटा 2.0’ सड़क परियोजना की शुरुआत की। ₹2,052 करोड़ की इस योजना के तहत राज्य की 1,341 आदिवासी बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए 1,976 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी। पहले चरण में कम-से-कम 735 गांवों तक सड़क पहुंचाने की योजना है।

दुर्गम बस्तियों तक पहुंचेगी सड़क

परियोजना में 45 पुलों का निर्माण भी शामिल है और सड़कों को मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। आदिवासी क्षेत्रों में पहाड़ी और कठिन भूभाग के कारण सड़क निर्माण चुनौतीपूर्ण होता है। बेहतर संपर्क से इन बस्तियों के लोगों के लिए आवागमन और जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।

पोलावरम जिले के रामपाचोदावरम मंडल के काकवाड़ा गांव में पवन कल्याण ने 3.4 किलोमीटर लंबी सड़क की आधारशिला रखी। इस सड़क से चार गांवों के लगभग 1,400 आदिवासी परिवारों को संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह स्थानीय स्तर पर परियोजना के क्रियान्वयन का एक उदाहरण है।

सड़क के साथ दूरसंचार पर भी जोर

राज्य के आदिवासी इलाकों में 135 मोबाइल टावर चालू करने का काम चल रहा है। इसके अलावा, 48 ऑप्टिकल फाइबर केबल मार्गों के लिए अनुमति संबंधी आवेदन वन विभाग के परीक्षण में हैं। सड़क, मोबाइल और इंटरनेट संपर्क में सुधार से दूरस्थ बस्तियों को व्यापक संचार नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

अराकू, मारेडुमिल्ली और नल्लमाला पहाड़ियों जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अराकू घाटी में कॉफी की खेती भी होती है। बेहतर सड़क संपर्क इन क्षेत्रों की आवाजाही और स्थानीय आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को सहारा दे सकता है।

कृषि सहायता और स्थानीय आजीविका

परियोजना से जुड़े प्रयासों में 34,000 आदिवासी किसानों को कृषि उपकरणों की 38 किस्में 90 प्रतिशत अनुदान पर देने का कार्यक्रम भी शामिल है। इसके लिए ₹68 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी उपकरण कम लागत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

रकोटा गांव में स्कूलों के नवीनीकरण और चिकित्सा सुविधाओं के लिए ₹5 करोड़ के कल्याणकारी कार्य स्वीकृत किए गए हैं। पवन कल्याण ने कोंडा रेड्डी समुदाय के बांस शिल्पकारों को उनके उत्पादों के लिए बाजार संपर्क उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। ये कदम सड़क निर्माण के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े स्थानीय जरूरतों को भी ध्यान में रखते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ‘आदवि थल्ली बाटा 2.0’ आंध्र प्रदेश की आदिवासी बस्तियों के लिए सड़क संपर्क परियोजना है।
  • परियोजना में 1,976 किलोमीटर सड़क और 45 पुल शामिल हैं; इसे मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है।
  • काकवाड़ा गांव रामपाचोदावरम मंडल और पोलावरम जिले में स्थित है।
  • अल्लूरी सीताराम राजू आंध्र प्रदेश के आदिवासी समुदायों से जुड़े स्वतंत्रता सेनानी थे।

परियोजना का दायरा सड़क निर्माण से आगे बढ़कर दूरसंचार, कृषि सहायता और बुनियादी कल्याण सुविधाओं तक फैला है। इसका प्रमुख लक्ष्य दूरस्थ आदिवासी बस्तियों को बेहतर संपर्क और सेवाओं से जोड़ना है।

Originally written on October 11, 2026 and last modified on October 11, 2026.

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