पेट्रोनेट एलएनजी की कमान संभालेंगे संजय कुमार
गेल (इंडिया) लिमिटेड में मार्केटिंग निदेशक संजय कुमार को पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड का अगला प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनका पांच वर्षीय कार्यकाल 13 मई 2027 से शुरू होगा, जब वर्तमान सीईओ ए. के. सिंह का विस्तारित कार्यकाल 12 मई 2027 को पूरा होगा। यह नियुक्ति भारत की गैस आपूर्ति और एलएनजी आयात ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पेट्रोनेट एलएनजी की भूमिका क्यों अहम है
पेट्रोनेट एलएनजी देश की सबसे बड़ी तरलीकृत प्राकृतिक गैस आयातक कंपनी है। इसके प्रमुख एलएनजी टर्मिनल गुजरात के दहेज और केरल के कोच्चि में स्थित हैं। इन दोनों टर्मिनलों की संयुक्त पुनर्गैसीकरण क्षमता 27.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है। पुनर्गैसीकरण वह प्रक्रिया है, जिसमें तरलीकृत गैस को फिर से गैसीय रूप में बदलकर पाइपलाइन नेटवर्क में भेजा जाता है।
भारत में प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरक, बिजली उत्पादन, सिटी गैस वितरण और औद्योगिक ईंधन के रूप में होता है। ऐसे में एलएनजी आयात घरेलू आपूर्ति को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाता है, खासकर तब जब देश में पाइपलाइन आधारित उत्पादन मांग से कम पड़ता है।
कंपनी की संरचना और स्वामित्व
पेट्रोनेट एलएनजी चार सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों का संयुक्त उपक्रम है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, गेल (इंडिया) लिमिटेड, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड—चारों की कंपनी में 12.5-12.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह संरचना पेट्रोनेट एलएनजी को भारत की ऊर्जा प्रणाली में एक साझा रणनीतिक मंच बनाती है।
कंपनी का काम केवल गैस आयात तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की एलएनजी-आधारित आपूर्ति श्रृंखला और गैस बाजार के विस्तार से भी जुड़ी हुई है।
संजय कुमार का पेशेवर अनुभव
59 वर्षीय संजय कुमार के पास आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री और एमबीए की योग्यता है। उन्हें प्राकृतिक गैस और एलएनजी वैल्यू चेन में 35 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वे अप्रैल 2022 से इंद्रप्रस्थ गैस के प्रबंध निदेशक रहे और जून 2023 के मध्य में गेल में मार्केटिंग निदेशक के रूप में शामिल हुए।
उनका अनुभव गैस विपणन, आपूर्ति प्रबंधन और ऊर्जा कारोबार के संचालन से जुड़ा रहा है। इसी पृष्ठभूमि के कारण उन्हें पेट्रोनेट एलएनजी जैसी महत्वपूर्ण कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- तरलीकृत प्राकृतिक गैस को अंग्रेजी में Liquefied Natural Gas (LNG) कहा जाता है और इसे लगभग माइनस 162 डिग्री सेल्सियस पर ठंडा किया जाता है।
- पुनर्गैसीकरण में LNG को फिर से गैस में बदलकर पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति की जाती है।
- पेट्रोनेट एलएनजी के प्रमुख टर्मिनल दहेज (गुजरात) और कोच्चि (केरल) में हैं।
- पेट्रोनेट एलएनजी भारत की एलएनजी आयात और पुनर्गैसीकरण अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख कंपनी है।
संजय कुमार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत में गैस आधारित ऊर्जा ढांचे का विस्तार और आयात निर्भरता का प्रबंधन दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में पेट्रोनेट एलएनजी की भूमिका देश की ऊर्जा सुरक्षा में और अधिक अहम हो सकती है।