पीची वन्यजीव सर्वेक्षण में 36 नई प्रजातियां दर्ज
केरल के पीची वन्यजीव प्रभाग में 8 से 11 अक्टूबर 2026 तक हुए चार दिवसीय सर्वेक्षण में पक्षियों, तितलियों और व्याध पतंगों की कुल 395 प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें से 36 प्रजातियां प्रभाग की मौजूदा सूची में पहली बार शामिल हुईं। सर्वेक्षण में बाघ, तेंदुए, एशियाई हाथियों और गौर के भी दर्शन हुए, लेकिन इन स्तनधारियों को 395 प्रजातियों की गणना में शामिल नहीं किया गया।
तीन अभयारण्यों में चला सर्वेक्षण
केरल वन एवं वन्यजीव विभाग और तिरुवनंतपुरम की त्रावणकोर नेचर हिस्ट्री सोसाइटी ने संयुक्त रूप से यह सर्वेक्षण किया। दलों ने 10 निर्धारित आधार शिविरों से काम करते हुए चिमोनी वन्यजीव अभयारण्य, पीची-वाझानी वन्यजीव अभयारण्य और चुलन्नूर मयूर अभयारण्य को कवर किया। सर्वेक्षण का उद्देश्य इन क्षेत्रों में पक्षियों, तितलियों तथा व्याध पतंगों और डैम्सेलफ्लाई की विविधता दर्ज करना था।
तितलियों और पक्षियों की सूची में नई प्रविष्टियां
सर्वेक्षण में 174 तितली प्रजातियां दर्ज की गईं। इनमें 22 प्रजातियां पीची प्रभाग की सूची के लिए नई थीं। नई प्रविष्टियों में सह्याद्री प्लेन पफिन, कॉमन मैप, सह्याद्री कलर सार्जेंट, बाइकलर एस और ऑरेंज-स्पॉटेड एस शामिल हैं। दर्ज तितलियों में 11 प्रजातियां पश्चिमी घाट की स्थानिक थीं।
पक्षियों की सूची में आठ नई प्रजातियां जुड़ीं। इनमें मालाबार लार्क, पर्पल हेरॉन, साइबेरियन स्टोनचैट और ईस्टर्न येलो वैगटेल शामिल हैं। दर्ज पक्षियों में पांच प्रजातियां पश्चिमी घाट की स्थानिक बताई गईं।
व्याध पतंगों और पश्चिमी घाट का महत्व
सर्वेक्षण में व्याध पतंगों और डैम्सेलफ्लाई की 56 प्रजातियां मिलीं, जिनमें छह प्रभाग की सूची के लिए नई थीं। इस समूह की आठ दर्ज प्रजातियां पश्चिमी घाट की स्थानिक हैं। व्याध पतंग और डैम्सेलफ्लाई कीटों के ओडोनाटा गण में आते हैं। इनके अपरिपक्व चरण, जिन्हें निम्फ कहा जाता है, मीठे पानी के आवासों में विकसित होते हैं और बाद में वयस्क बनते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सर्वेक्षण में पक्षियों, तितलियों और ओडोनाटा समूह की कुल 395 प्रजातियां दर्ज हुईं।
- 36 नई प्रविष्टियों में 22 तितली, आठ पक्षी और छह ओडोनाटा प्रजातियां शामिल थीं।
- ओडोनाटा गण में व्याध पतंग और डैम्सेलफ्लाई आते हैं।
- पश्चिमी घाट की स्थानिक प्रजातियों में 11 तितलियां, आठ ओडोनाटा और पांच पक्षी दर्ज किए गए।
नई प्रविष्टियां पीची वन्यजीव प्रभाग की जैव विविधता सूची को अधिक व्यापक बनाती हैं। साथ ही, सर्वेक्षण पश्चिमी घाट के वन क्षेत्रों में प्रजातियों की निगरानी और संरक्षण के लिए आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराता है।