पाकिस्तान के फतह-II परीक्षण से बढ़ी मिसाइल क्षमता

पाकिस्तान के फतह-II परीक्षण से बढ़ी मिसाइल क्षमता

पाकिस्तान ने 13 अक्टूबर 2026 को फतह-II मिसाइल के विस्तारित मारक दूरी वाले संस्करण का परीक्षण किया। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इस मिसाइल की बताई गई अधिकतम दूरी 400 किलोमीटर तक है। परीक्षण के दौरान सेना की रॉकेट फोर्स कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नौमान ज़कारिया के साथ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वैज्ञानिक और इंजीनियर मौजूद थे।

परीक्षण में क्या सामने आया

पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की मीडिया इकाई इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि फतह-II के इस संस्करण में उन्नत दिशा-निर्देशन और विमानिकी प्रणालियां हैं। विमानिकी से आशय उन इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से है, जो मिसाइल के नेविगेशन, नियंत्रण और दिशा-निर्देशन जैसे कार्यों में मदद करती हैं।

आईएसपीआर के मुताबिक, मिसाइल को उच्च सटीकता से लक्ष्यों को भेदने और अपनी उड़ान-पथ तथा गतिशीलता के सहारे मिसाइल-रोधी रक्षा प्रणालियों से बच निकलने के लिए तैयार किया गया है। ये पाकिस्तानी पक्ष की बताई गई क्षमताएं हैं। परीक्षण में मिसाइल ने वास्तव में कितनी दूरी तय की या उसकी सटीकता के क्या परिणाम रहे, इसकी जानकारी जारी नहीं की गई है।

मारक दूरी और मिसाइल का वर्ग

400 किलोमीटर तक की बताई गई दूरी के आधार पर फतह-II को आम तौर पर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की श्रेणी में रखा जा सकता है। इस वर्ग की सीमा अलग-अलग संदर्भों में कुछ बदल सकती है, लेकिन सामान्य वर्गीकरण में 1,000 किलोमीटर से कम दूरी वाली मिसाइलें इसमें आती हैं।

बैलिस्टिक मिसाइल अपने शुरुआती संचालित उड़ान चरण के बाद मुख्यतः गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित पथ पर आगे बढ़ती है। दिशा-निर्देशन प्रणाली इसे लक्ष्य की ओर ले जाने में मदद करती है, जबकि गतिशीलता का मतलब उड़ान के दौरान अपना मार्ग बदल पाने की क्षमता है। इसलिए मिसाइल की बताई गई विशेषताओं का आकलन करते समय घोषित क्षमता और परीक्षण से सार्वजनिक रूप से पुष्ट नतीजों के बीच अंतर समझना जरूरी है।

फतह-II का विकास क्रम

फतह-II का पहला परीक्षण 27 दिसंबर 2023 को हुआ था और उस समय भी इसकी बताई गई दूरी 400 किलोमीटर थी। इसके बाद 28 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की सेना की रॉकेट फोर्स कमान ने प्रशिक्षण के लिए इसका परीक्षण किया। उस परीक्षण को प्रणाली को रॉकेट से मिसाइल के रूप में उन्नत किए जाने के बाद पहला प्रक्षेपण बताया गया था। 13 अक्टूबर 2026 का परीक्षण इसके विस्तारित दूरी वाले संस्करण से जुड़ा है।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, सेना प्रमुख एवं रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने परीक्षण में शामिल टीमों को बधाई दी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की मीडिया इकाई है।
  • फतह-II के परीक्षणों से जुड़ी पाकिस्तानी सैन्य संरचना आर्मी रॉकेट फोर्स कमान है।
  • बैलिस्टिक मिसाइल संचालित उड़ान चरण के बाद गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित पथ पर चलती है।
  • फतह-II का पहला परीक्षण 27 दिसंबर 2023 को हुआ था; इसकी बताई गई मारक दूरी 400 किलोमीटर तक है।

यह परीक्षण फतह-II के विकास क्रम में नया चरण है। इसकी घोषित विशेषताओं और वास्तविक प्रदर्शन का स्पष्ट आकलन तभी संभव होगा, जब परीक्षण के विस्तृत परिणाम सार्वजनिक किए जाएं।

Originally written on October 15, 2026 and last modified on October 15, 2026.

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