नई दिल्ली में BRICS निवेश मंच से वैश्विक पूंजी पर फोकस

नई दिल्ली में BRICS निवेश मंच से वैश्विक पूंजी पर फोकस

सोवरेन वेल्थ फंड इंस्टीट्यूट (SWFI) ने 4 सितंबर 2026 को घोषणा की कि वह नई दिल्ली में पहला iBRICS समिट आयोजित करेगा। यह दो दिवसीय आयोजन 12-13 सितंबर 2026 को द ओबेरॉय, नई दिल्ली में होगा और 18वें आधिकारिक BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन के साथ-साथ संपन्न होगा।

BRICS के एजेंडे में निवेश और भुगतान प्रणालियों की नई भूमिका

BRICS अब केवल राजनीतिक और कूटनीतिक मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह वित्त, व्यापार और भुगतान प्रणालियों पर भी तेजी से ध्यान दे रहा है। इसी बदलाव के बीच iBRICS समिट को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां संप्रभु पूंजी और निजी निवेश को जोड़कर नए सीमा-पार निवेश अवसर तलाशे जाएंगे।

संप्रभु पूंजी का अर्थ उन निवेश कोषों से है, जिन्हें सरकार-समर्थित संस्थाएं संचालित करती हैं। इनमें सोवरेन वेल्थ फंड, सार्वजनिक पेंशन फंड और अन्य सार्वजनिक पूंजी भंडार शामिल होते हैं। ऐसे फंड आमतौर पर दीर्घकालिक निवेश, रणनीतिक परिसंपत्तियों और राष्ट्रीय हित से जुड़े क्षेत्रों में पूंजी लगाते हैं।

500 से अधिक निवेशक और बंद कमरे की चर्चा

यह समिट आमंत्रण-आधारित होगा और इसमें 500 से अधिक संस्थागत निवेशक, वित्त मंत्री और कारोबारी नेता शामिल होंगे, जो मिलकर लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी का प्रबंधन करते हैं। 12 सितंबर को 250 प्रमुख प्रतिभागियों की एक बंद कमरे की गोलमेज बैठक भी होगी, जिसमें गैर-डॉलर निपटान मार्गों और प्रस्तावित “सोवरेन कैपिटल कॉम्पैक्ट” पर चर्चा की जाएगी।

इस तरह का प्रारूप संकेत देता है कि आयोजन केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविक निवेश सौदों और सहयोगी ढांचों पर भी केंद्रित होगा।

किस क्षेत्रों पर रहेगा निवेश का फोकस

समिट के लेन-देन आधारित सत्रों में सोवरेन वेल्थ फंड, सार्वजनिक पेंशन फंड और फैमिली ऑफिस को उन परियोजनाओं से जोड़ने पर जोर रहेगा, जिनमें बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा परिवर्तन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये सभी क्षेत्र BRICS देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं, क्योंकि इनमें दीर्घकालिक पूंजी और नीति-समर्थन दोनों की जरूरत होती है।

इसके साथ ही राष्ट्रीय फास्ट-पेमेंट नेटवर्क और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDCs) के एकीकरण पर भी चर्चा होगी। भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और ब्राजील का Pix इस बातचीत के प्रमुख उदाहरण होंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SWFI यानी Sovereign Wealth Fund Institute एक वैश्विक मंच है, जो सोवरेन वेल्थ फंड और सार्वजनिक निवेश संस्थानों पर नजर रखता है।
  • UPI भारत की रियल-टाइम रिटेल पेमेंट प्रणाली है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है।
  • Pix ब्राजील की त्वरित भुगतान प्रणाली है, जिसे सेंट्रल बैंक ऑफ ब्राजील ने शुरू किया था।
  • CBDC केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की जाने वाली डिजिटल संप्रभु मुद्रा होती है।

कुल मिलाकर, नई दिल्ली में होने वाला iBRICS समिट BRICS देशों के बीच पूंजी प्रवाह, भुगतान नवाचार और रणनीतिक निवेश सहयोग को एक व्यावहारिक मंच देने की कोशिश है। हालांकि आधिकारिक संचार में किसी निश्चित निवेश लक्ष्य या परियोजना का नाम नहीं बताया गया है।

Originally written on September 5, 2026 and last modified on September 5, 2026.

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