कृत्रिम आठ-अक्षरी आनुवंशिक कोड पढ़ने में बड़ी सफलता
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो के वैज्ञानिकों ने दिखाया है कि Escherichia coli का RNA polymerase एक कृत्रिम आठ-अक्षरी आनुवंशिक वर्णमाला को पढ़ और ट्रांसक्राइब कर सकता है। यह अध्ययन 2 सितंबर 2026 को Nature Communications में प्रकाशित हुआ और इसका नेतृत्व स्कैग्स स्कूल ऑफ फार्मेसी एंड फार्मास्युटिकल साइंसेज़ के डोंग वांग ने किया।
हाचिमोजी DNA क्या है
यह शोध हाचिमोजी DNA पर केंद्रित है, जो एक कृत्रिम आनुवंशिक प्रणाली है जिसमें चार प्राकृतिक DNA आधारों के साथ चार सिंथेटिक आधार भी शामिल हैं। प्राकृतिक आधार हैं adenine, thymine, cytosine और guanine, जबकि कृत्रिम आधार P, Z, B और S हैं। “हाचिमोजी” जापानी शब्द है, जिसका अर्थ “आठ अक्षर” होता है।
अब तक जैविक प्रणालियों में आनुवंशिक सूचना का आधार चार-अक्षरी कोड माना जाता रहा है। इस प्रयोग ने संकेत दिया कि कोशिकीय मशीनरी के कुछ हिस्से कृत्रिम आधारों को भी पहचान सकते हैं, बशर्ते उनके रासायनिक संकेत पर्याप्त रूप से प्राकृतिक आधारों जैसे हों।
RNA polymerase ने कैसे किया काम
RNA polymerase वह एंजाइम है जो transcription के दौरान DNA टेम्पलेट से RNA बनाता है। प्रयोग में बैक्टीरियल RNA polymerase ने कृत्रिम base pairs को पहचानने के लिए ऐसे biochemical signals का उपयोग किया, जो प्राकृतिक आधारों की पहचान में काम आते हैं।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि PZ base pair की transcription गति प्राकृतिक GC base pair की तुलना में लगभग दो गुना धीमी थी। यह अंतर बताता है कि कृत्रिम आनुवंशिक अक्षरों को पढ़ना संभव तो है, लेकिन उनकी दक्षता प्राकृतिक प्रणाली जैसी नहीं है।
संरचनात्मक तकनीकों से मिली अहम झलक
शोधकर्ताओं ने high-resolution cryo-electron microscopy और biochemical experiments का उपयोग करके एंजाइम और कृत्रिम आधारों के बीच की अंतःक्रिया के संरचनात्मक snapshots दर्ज किए। इससे यह समझने में मदद मिली कि RNA polymerase कृत्रिम base pairs को किस तरह पहचानता है और किस स्तर तक उन्हें संसाधित कर सकता है।
इसी टीम का एक संबंधित अध्ययन 12 अगस्त 2026 को Proceedings of the National Academy of Sciences में प्रकाशित हुआ था, जिसमें hydrogen bonds के बिना मौजूद एक अन्य कृत्रिम base pair की transcription भी पहचानी गई थी। दोनों अध्ययन मिलकर synthetic biology के क्षेत्र में नई संभावनाएँ खोलते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Escherichia coli एक Gram-negative bacterium है, जिसका उपयोग molecular biology और genetics में व्यापक रूप से किया जाता है।
- RNA polymerase gene expression का प्रमुख एंजाइम है और prokaryotes तथा eukaryotes, दोनों में पाया जाता है।
- Cryo-electron microscopy biomolecules की near-atomic resolution पर संरचना समझने की तकनीक है।
- Hachimoji DNA मानक चार-अक्षरी DNA code से आगे की एक कृत्रिम genetic system है।
यह प्रयोग जीवित आठ-अक्षरी जीव बनाने का प्रमाण नहीं है, क्योंकि परीक्षण laboratory transcription systems और synthetic DNA templates पर in vitro किए गए थे। फिर भी यह उपलब्धि दिखाती है कि आनुवंशिक कोड की सीमाएँ उतनी स्थिर नहीं हैं, जितना पहले माना जाता था।