देश में एचपीवी टीकाकरण अभियान ने 80 लाख डोज का आंकड़ा पार किया
भारत में राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 80 लाख से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। यह अभियान 14 वर्ष की किशोरियों को लक्षित करता है और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एकल-डोज गार्डासिल-4 वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान का उद्देश्य मानव पैपिलोमावायरस से होने वाले संक्रमण और आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर जोखिमों को कम करना है।
किशोरियों के लिए मुफ्त और स्वैच्छिक टीकाकरण
राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर में की थी। इसके तहत टीका सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में मुफ्त दिया जा रहा है, जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है और पात्र किशोरियों के लिए अभिभावकीय सहमति जरूरी है। पंजीकरण सरकार के U-WIN प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है, जिसे टीकाकरण सेवाओं के डिजिटल प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
राज्यों की भागीदारी और सुरक्षा व्यवस्था
अभियान के जमीनी क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा और मिजोरम जैसे राज्य शामिल हैं। टीकाकरण स्थलों को 24×7 प्रतिकूल घटनाओं के बाद देखभाल केंद्रों से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी तरह की चिकित्सकीय प्रतिक्रिया पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इन केंद्रों की निगरानी प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों के अधीन की जा रही है।
सरकारी व्यवस्था में सुरक्षा और निगरानी पर विशेष जोर इसलिए दिया गया है, क्योंकि किशोर आयु वर्ग में टीकाकरण के दौरान अभिभावकों का भरोसा और चिकित्सकीय सतर्कता दोनों महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान
मानव पैपिलोमावायरस एक ऐसा वायरस समूह है, जो सर्वाइकल कैंसर के अलावा कुछ अन्य कैंसरों से भी जुड़ा माना जाता है। इसी कारण एचपीवी टीकाकरण को सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से एक अहम रोकथाम उपाय माना जाता है। गार्डासिल-4 एक क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन है, यानी यह एचपीवी के चार प्रकारों के खिलाफ सुरक्षा देने के लिए उपयोग की जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मानव पैपिलोमावायरस (HPV) वायरसों का एक समूह है, जो सर्वाइकल कैंसर से जुड़ा माना जाता है।
- गार्डासिल-4 एक क्वाड्रिवेलेंट HPV वैक्सीन है, जिसका उपयोग टीकाकरण कार्यक्रमों में किया जाता है।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर भारत की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा हैं।
- U-WIN भारत में टीकाकरण पंजीकरण और ट्रैकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
एचपीवी टीकाकरण अभियान का 80 लाख डोज पार करना इस बात का संकेत है कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। आने वाले समय में इसकी व्यापक पहुंच महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।