दूरसंचार नेटवर्क के आपसी जुड़ाव पर ट्राई के नए नियम

दूरसंचार नेटवर्क के आपसी जुड़ाव पर ट्राई के नए नियम

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार इंटरकनेक्शन (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026 जारी किए हैं। ये विनियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इनका उद्देश्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के बीच नेटवर्क जुड़ाव की व्यवस्था को पारदर्शी, प्रभावी और समय के अनुरूप बनाए रखना है।

ट्राई को किस कानून से मिला अधिकार

ट्राई ने ये संशोधन भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ख) के तहत जारी किए हैं। यह प्रावधान प्राधिकरण को दूरसंचार सेवाओं के लिए इंटरकनेक्शन की शर्तें निर्धारित करने का अधिकार देता है। इस व्यवस्था का महत्व इसलिए है क्योंकि एक सेवा प्रदाता के नेटवर्क से दूसरे प्रदाता के नेटवर्क तक संचार पहुंचाने के लिए दोनों के बीच तकनीकी और व्यावसायिक समन्वय आवश्यक होता है।

नियमों की समीक्षा में हितधारकों की भागीदारी

ट्राई ने 2018 के दूरसंचार इंटरकनेक्शन विनियमों की समीक्षा के लिए 3 अप्रैल 2025 को पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया था। इसके बाद 10 नवंबर 2025 को परामर्श पत्र प्रकाशित किया गया। बढ़ाई गई समय-सीमा के भीतर 17 हितधारकों ने टिप्पणियां और नौ ने उन पर जवाबी टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। इस प्रक्रिया से नियामक को सेवा प्रदाताओं और अन्य संबंधित पक्षों के विचारों पर गौर करने का अवसर मिला।

इंटरकनेक्शन से प्रतिस्पर्धा को कैसे मिलता है आधार

इंटरकनेक्शन का अर्थ है किसी दूरसंचार वाहक के नेटवर्क को दूसरे वाहक के नेटवर्क या नेटवर्क से बाहर की सुविधाओं और उपकरणों से जोड़ना। इससे अलग-अलग नेटवर्क के उपयोगकर्ता एक-दूसरे से संपर्क कर पाते हैं। नियामक इंटरकनेक्शन संबंधी आवश्यकताओं के जरिए दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे सकते हैं। खास तौर पर प्रभावशाली सेवा प्रदाताओं पर ऐसी शर्तें लागू होने से अन्य कंपनियों के लिए नेटवर्क तक पहुंच और सेवाएं देने की व्यवस्था अधिक स्पष्ट हो सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ख) इंटरकनेक्शन की शर्तें तय करने से संबंधित अधिकार देती है।
  • दूरसंचार इंटरकनेक्शन विनियम, 2018 की समीक्षा के लिए ट्राई ने 2025 में पूर्व-परामर्श और परामर्श पत्र जारी किए थे।
  • नेटवर्क इंटरकनेक्शन अलग-अलग दूरसंचार नेटवर्कों के बीच संपर्क स्थापित करता है और उपभोक्ताओं के बीच संचार संभव बनाता है।
  • ट्राई अधिनियम में संशोधन के बाद विवादों के निपटारे और न्यायनिर्णयन से जुड़े कार्यों के लिए अलग अधिकरण की व्यवस्था की गई।

नए संशोधन 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इनके जरिए ट्राई ने दूरसंचार नेटवर्कों के आपसी जुड़ाव को नियंत्रित करने वाले नियामकीय ढांचे को अद्यतन करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

Originally written on November 3, 2026 and last modified on November 3, 2026.

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