दिल्ली में DJB पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की नई सुविधा

दिल्ली में DJB पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की नई सुविधा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली जल बोर्ड के 50,000 से अधिक पेंशनरों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की शुरुआत की। यह व्यवस्था सेवा संकल्प अभियान के तहत लागू की गई है और इसमें इलाज के साथ-साथ मेडिकल टेस्ट भी एकल-खिड़की प्रणाली के जरिए उपलब्ध होंगे।

पेंशनरों को अब पहले भुगतान नहीं करना होगा

नई व्यवस्था से दिल्ली जल बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारी, पारिवारिक पेंशनर और उनके आश्रित लाभान्वित होंगे, जिन्हें बोर्ड के माध्यम से पेंशन मिलती है। पहले चिकित्सा खर्च का भुगतान मरीज को पहले करना पड़ता था और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन देना होता था। अब यह प्रक्रिया बदलकर कैशलेस मॉडल पर आधारित हो गई है, जिससे पेंशनरों को आर्थिक बोझ और कागजी औपचारिकताओं से राहत मिलेगी।

इस सुविधा के तहत एम्पैनल्ड अस्पतालों में आपातकालीन, नियोजित और गैर-आपातकालीन उपचार उपलब्ध होगा। साथ ही, स्वीकृत स्वास्थ्य पैकेज के अंतर्गत आने वाले मेडिकल टेस्ट भी इसमें शामिल किए गए हैं।

एकल-खिड़की प्रणाली से आसान होगी सेवा

सरकार ने इस सुविधा को एकल-खिड़की प्रणाली से जोड़ा है, ताकि लाभार्थियों को इलाज और जांच के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े। सार्वजनिक प्रशासन में ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य सेवाओं को सरल बनाना और समय की बचत करना होता है।

यह लॉन्च कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित केदार नाथ सहनी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जल मंत्री प्रवेश वर्मा, डीजेबी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय और नगर निगम दिल्ली की मेयर प्रवेश वाही भी मौजूद रहे।

दिल्ली जल बोर्ड और इस पहल का महत्व

दिल्ली जल बोर्ड दिल्ली में जलापूर्ति और सीवरेज सेवाओं के लिए जिम्मेदार वैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना दिल्ली जल बोर्ड अधिनियम, 1998 के तहत की गई थी। ऐसे में बोर्ड के पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार प्रशासनिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकारी पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि आपात स्थिति में तुरंत उपचार सुनिश्चित करने में भी मदद करती है। यह पहल उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जिनके लिए अग्रिम भुगतान कई बार कठिनाई पैदा करता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • दिल्ली जल बोर्ड की स्थापना 1998 में दिल्ली जल बोर्ड अधिनियम, 1998 के तहत हुई थी।
  • कैशलेस उपचार में मरीज को अस्पताल का बिल पहले अपनी जेब से नहीं देना पड़ता।
  • सिंगल-विंडो सिस्टम का उपयोग सरकारी सेवाओं में प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए किया जाता है।
  • पेंशनर और पारिवारिक पेंशनर सरकारी कल्याण योजनाओं के प्रमुख लाभार्थी वर्गों में शामिल होते हैं।

इस नई सुविधा से दिल्ली जल बोर्ड के हजारों परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और त्वरित पहुंच मिलेगी। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम पेंशनरों के लिए राहत और भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

Originally written on October 6, 2026 and last modified on October 6, 2026.

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