ताइवान को मिले पहले F-16V फाइटर जेट, वायु रक्षा आधुनिकीकरण को बढ़ावा
ताइवान को 2 अक्टूबर 2026 को ताइतूंग एयर बेस पर अपने पहले दो लॉकहीड मार्टिन F-16V फाइटर जेट मिले। ये विमान अमेरिका की मंजूरी वाले ‘पीस फीनिक्स सोरिंग’ कार्यक्रम के तहत 66 लड़ाकू विमानों की उस खेप का हिस्सा हैं, जिसे रिपब्लिक ऑफ चाइना एयर फोर्स के लिए तैयार किया जा रहा है।
F-16V की तकनीकी खासियत
F-16V, F-16 फाइटिंग फाल्कन का उन्नत संस्करण है और इसे बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान माना जाता है। ब्लॉक 70 मानक वाले इस संस्करण में आधुनिक एवियोनिक्स, एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे रडार, उन्नत मिशन कंप्यूटर और हथियारों के बेहतर एकीकरण की क्षमता शामिल है। यही कारण है कि इसे मौजूदा पीढ़ी के युद्धक विमानों की श्रेणी में महत्वपूर्ण माना जाता है।
ताइवान की वायु रक्षा रणनीति में महत्व
यह 66-विमानों की खरीद ताइवान की सातवीं टैक्टिकल फाइटर विंग के लिए की गई है, जो पूर्वी ताइवान में तैनात है। इस क्षेत्र की तैनाती का रणनीतिक महत्व इसलिए है क्योंकि इससे द्वीप के पूर्वी मार्गों और प्रशांत दिशा की हवाई सुरक्षा मजबूत होती है। ताइवान अपने पुराने लड़ाकू विमानों के साथ इन नए F-16V विमानों को मिलाकर वायु शक्ति को आधुनिक रूप देना चाहता है।
देरी के बाद पहुंची पहली खेप
इस सौदे को अमेरिका ने 2019 में मंजूरी दी थी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 8 अरब अमेरिकी डॉलर बताई गई थी। हालांकि, उत्पादन लाइन के स्थानांतरण, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और सिस्टम इंटीग्रेशन से जुड़ी चुनौतियों के कारण डिलीवरी में देरी हुई। पहले दो विमान 25 अगस्त 2026 तक गुआम पहुंचे थे और वहां से आगे ताइवान लाए गए। शेष विमानों की आपूर्ति बाद के चरणों में होने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- F-16 लड़ाकू विमान ने पहली उड़ान 1974 में भरी थी और 1978 में अमेरिकी वायुसेना में शामिल हुआ था।
- F-16V को कुछ रक्षा संदर्भों में F-16 Viper भी कहा जाता है।
- एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे रडार एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम होता है।
- रिपब्लिक ऑफ चाइना एयर फोर्स, ताइवान की वायुसेना का आधिकारिक नाम है।
इस डिलीवरी के साथ ताइवान ने अपनी वायु रक्षा क्षमता के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है। आने वाले चरणों में शेष F-16V विमानों की आपूर्ति इस बेड़े को और अधिक सक्षम बनाएगी।