नागपुर बनेगा C-390 सैन्य विमान निर्माण का अहम केंद्र

नागपुर बनेगा C-390 सैन्य विमान निर्माण का अहम केंद्र

महिंद्रा समूह और ब्राज़ील की एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर ने C-390 मिलेनियम सैन्य परिवहन विमान की फाइनल असेंबली लाइन के लिए महाराष्ट्र के नागपुर को प्रस्तावित स्थान के रूप में चुना है। यह कदम भारतीय वायुसेना के मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसके तहत भारत 60 से 80 विमानों की खरीद पर विचार कर सकता है।

क्या है C-390 मिलेनियम और क्यों है यह महत्वपूर्ण

C-390 मिलेनियम एक ट्विन-इंजन, मीडियम-लिफ्ट सैन्य परिवहन विमान है, जिसे एम्ब्रेयर ने विकसित किया है। इसे सैनिकों की ढुलाई, माल परिवहन, चिकित्सा निकासी, हवाई ईंधन भरने और मानवीय अभियानों के लिए तैयार किया गया है। ऐसे बहुउद्देशीय विमान आधुनिक वायुसेनाओं के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं, क्योंकि ये युद्ध और राहत, दोनों तरह की जरूरतों में काम आते हैं।

नागपुर में प्रस्तावित सुविधा से क्या होगा

प्रस्तावित नागपुर सुविधा में विमान की असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला के विकास से जुड़े काम होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र सरकार ने इस संभावित परियोजना के लिए भूमि भी आवंटित कर दी है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है, तो इससे भारत में रक्षा विनिर्माण को नई गति मिल सकती है और स्थानीय उद्योगों की भागीदारी भी बढ़ेगी।

भारत-ब्राज़ील रक्षा सहयोग की नई कड़ी

एम्ब्रेयर और महिंद्रा ने अक्टूबर 2025 में C-390 मिलेनियम कार्यक्रम के लिए एक रणनीतिक सहयोग समझौता किया था। इससे पहले दोनों पक्ष फरवरी 2024 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर चुके थे। इसके बाद फरवरी 2026 में भारत में मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल यानी MRO क्षमताएं विकसित करने की योजना भी सामने आई। यह संकेत देता है कि सहयोग केवल विमान खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दीर्घकालिक रखरखाव और समर्थन ढांचे तक फैलेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • C-390 मिलेनियम ब्राज़ील की एम्ब्रेयर कंपनी द्वारा विकसित एक सैन्य परिवहन विमान है।
  • फाइनल असेंबली लाइन वह सुविधा होती है, जहां विमान निर्माण का अंतिम चरण और सिस्टम इंटीग्रेशन किया जाता है।
  • भारतीय वायुसेना का मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम मध्यम श्रेणी के परिवहन विमानों की खरीद से जुड़ा है।
  • MRO का पूरा नाम Maintenance, Repair and Overhaul है, जिसका उपयोग विमान की मरम्मत, जांच और दीर्घकालिक रखरखाव के लिए होता है।

नागपुर को प्रस्तावित असेंबली हब के रूप में चुनना भारत में रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और स्थानीय विनिर्माण को जोड़ने वाली एक अहम पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना भारत-ब्राज़ील एयरोस्पेस साझेदारी को और मजबूत कर सकती है।

Originally written on October 2, 2026 and last modified on October 2, 2026.

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