डेनमार्क का नया वर्क परमिट रूट भारतीयों के लिए खुला अवसर
डेनमार्क ने विदेशी कामगारों की भर्ती को आसान बनाने के लिए एक नया रोजगार-आधारित वर्क परमिट रूट शुरू करने का फैसला किया है। 4 सितंबर 2026 को डेनमार्क की संसद ने जिस कानून को मंजूरी दी, उसके तहत Collective Agreement-Based Business Scheme नाम की व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू होगी। इस योजना में भारतीय नागरिकों सहित 16 देशों के लोग आवेदन कर सकेंगे।
क्या है नया Collective Agreement-Based Business Scheme
यह योजना डेनमार्क के श्रम बाजार नियमों से जुड़ी एक विशेष इमिग्रेशन व्यवस्था है। इसका उद्देश्य उन कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों की भर्ती में मदद देना है, जिन्हें श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि यह सुविधा सभी नियोक्ताओं के लिए नहीं होगी। इसके लिए कंपनी का किसी प्रासंगिक collective agreement के तहत आना जरूरी है।
डेनमार्क में collective agreement का अर्थ ऐसा श्रम समझौता है, जो नियोक्ताओं और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच तय होता है। यही व्यवस्था वहां के श्रम संबंधों की एक प्रमुख विशेषता मानी जाती है।
किसे मिलेगा लाभ और क्या होंगी शर्तें
इस रूट के तहत केवल वे नियोक्ता विदेशी कर्मचारियों को रख सकेंगे, जो कुछ तय मानकों को पूरा करते हों। कंपनी कम से कम दो साल से काम कर रही होनी चाहिए और उसके पास डेनमार्क में कम से कम 10 पूर्णकालिक कर्मचारी होने चाहिए। इसके अलावा, नियोक्ता को डेनमार्क की इमिग्रेशन एजेंसी SIRI के साथ पंजीकरण कराना होगा और प्रमाणन भी लेना होगा।
SIRI का पूरा नाम Danish Agency for International Recruitment and Integration है। यही संस्था इस नई व्यवस्था के तहत पात्रता की जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया को संभालेगी।
वेतन सीमा और सुरक्षा प्रावधान
इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले विदेशी कामगारों को न्यूनतम वार्षिक वेतन DKK 322,000 मिलेगा, जो 2026 के स्तर पर लगभग ₹47 लाख के बराबर है। यह वेतन सीमा डेनमार्क की कुछ मौजूदा रोजगार-आधारित इमिग्रेशन योजनाओं की तुलना में कम रखी गई है, ताकि अधिक कंपनियां इस रूट का उपयोग कर सकें।
योजना में एक unemployment brake भी शामिल है। इसका मतलब यह है कि अगर डेनमार्क में बेरोजगारी तय सीमा से ऊपर जाती है, तो इस रूट के उपयोग पर रोक या सीमाएं लगाई जा सकती हैं। इससे स्थानीय श्रम बाजार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डेनमार्क उत्तरी यूरोप का एक संवैधानिक राजतंत्र है और यूरोपीय संघ का सदस्य है।
- SIRI डेनमार्क की Danish Agency for International Recruitment and Integration है।
- डेनमार्क में collective agreements श्रम नियमन की केंद्रीय व्यवस्था मानी जाती है।
- यह नया वर्क परमिट रूट 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाला है।
भारतीयों के लिए यह व्यवस्था डेनमार्क में रोजगार के नए अवसर खोल सकती है, लेकिन आवेदन केवल उन्हीं मामलों में संभव होगा जहां नियोक्ता तय शर्तों और प्रमाणन प्रक्रिया को पूरा करेगा।