टैम्पेरे बॉक्सिंग में भारत का दबदबा, 14 पदकों के साथ शीर्ष पर
भारत ने फिनलैंड के टैम्पेरे में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित 46वें अंतरराष्ट्रीय टैम्मेर मुक्केबाजी टूर्नामेंट 2026 में पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। 14 सदस्यीय भारतीय दल ने चार स्वर्ण, दो रजत और आठ कांस्य सहित कुल 14 पदक जीते।
भारतीय मुक्केबाजों का स्वर्णिम प्रदर्शन
महिला वर्ग में आरती धरियाल ने 54 किलोग्राम, अंकुशिता बोरो ने 65 किलोग्राम और अरुंधति चौधरी ने 70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। पुरुष वर्ग में पवन बरवाल ने 55 किलोग्राम श्रेणी का स्वर्ण अपने नाम किया। धरियाल ने स्कॉटलैंड की स्टेफनी केरनाचन को 5-0 से, बोरो ने इंग्लैंड की एला थॉम्पस्टोन को 4-1 से और चौधरी ने आयरलैंड की एवलिन आइवी इघारो को 3-2 से हराया।
रजत और कांस्य पदक विजेता
ओलंपियन और 2026 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जैस्मिन लाम्बोरिया ने महिला 57 किलोग्राम वर्ग में रजत जीता। पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में मोहम्मद हुसामुद्दीन दूसरे स्थान पर रहे। कांस्य पदक विजेताओं में विवेक मीणा (पुरुष 65 किलोग्राम), हितेश (70 किलोग्राम), अक्षय (80 किलोग्राम), बोबिन चौहान (90 किलोग्राम), चेतन चौधरी (90 किलोग्राम से अधिक), तनु (महिला 51 किलोग्राम), दिशा पाटिल (60 किलोग्राम) और इम्रोज खान (75 किलोग्राम) शामिल रहे।
टूर्नामेंट से मिला अंतरराष्ट्रीय अनुभव
टैम्पेरे बॉक्सिंग एसोसिएशन ने इस प्रतियोगिता का आयोजन किया। भारतीय दल में ऐसे मुक्केबाज शामिल थे जो देश की ओलंपिक भार-वर्गों की टीम में तीसरी वरीयता वाले खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। इस प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबले का अनुभव दिया। स्वर्ण पदक जीतने वाले पवन बरवाल और अरुंधति चौधरी भारतीय सेना में हवलदार हैं। सेना के खिलाड़ी विकास कार्यक्रम में पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट की भी भूमिका है, जहां मुक्केबाजी प्रशिक्षण की प्रमुख विधाओं में शामिल है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- टैम्पेरे फिनलैंड का एक शहर है, जहां 2026 का टैम्मेर मुक्केबाजी टूर्नामेंट आयोजित हुआ।
- प्रतियोगिता का आयोजन टैम्पेरे बॉक्सिंग एसोसिएशन ने किया।
- शौकिया मुक्केबाजी में 5-0, 4-1 और 3-2 जैसे अंक निर्णायकों के फैसले का विभाजन बताते हैं; ये राउंड के अंक नहीं होते।
- पुणे का आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट 2001 में स्थापित हुआ था और मुक्केबाजी उसके प्रशिक्षण विषयों में शामिल है।
चार स्वर्ण सहित भारत की पदक तालिका में शीर्ष उपलब्धि ने भारतीय मुक्केबाजों की गहराई और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता को रेखांकित किया।