युवा ओलंपिक में भारत को तैराकी का पहला पदक
भारत की 16 वर्षीय तैराक धिनिधि देसिंगु ने 2 नवंबर 2026 को डकार, सेनेगल में आयोजित युवा ओलंपिक खेलों की महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इन खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तैराक बनीं। उनकी उपलब्धि के साथ भारत को जूडो में भी एक पदक मिला।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ ऐतिहासिक पदक
देसिंगु ने 100 मीटर फ्रीस्टाइल का फासला 56.27 सेकंड में पूरा किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया। उनका पिछला रिकॉर्ड 56.57 सेकंड का था, जो उन्होंने जून में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बनाया था।
फाइनल से पहले देसिंगु ने अपनी हीट 56.80 सेकंड में जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया था। इसके साथ वह युवा ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला तैराक भी बनीं। फाइनल में क्रोएशिया की आना बोबानोविच ने 55.89 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण और न्यूजीलैंड की एलिसा लॉसन ने 56.13 सेकंड में रजत पदक जीता।
100 मीटर नहीं, 200 मीटर है मुख्य स्पर्धा
देसिंगु की प्रमुख स्पर्धा 200 मीटर फ्रीस्टाइल है। इस स्पर्धा में उनके नाम 2:01.81 मिनट का भारतीय महिला राष्ट्रीय रिकॉर्ड है, जिसे उन्होंने जुलाई में एशियाई आयु-वर्ग चैंपियनशिप में बनाया था। 100 मीटर में उनका नया रिकॉर्ड और युवा ओलंपिक पदक उनकी बहुमुखी क्षमता को दर्शाते हैं।
देसिंगु इससे पहले भी भारतीय खेल जगत का ध्यान खींच चुकी हैं। वह 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत के दल की सबसे कम उम्र की सदस्य थीं और उस समय उनकी उम्र 14 वर्ष थी। युवा ओलंपिक में अब उनकी सफलता भारतीय तैराकी के लिए एक नया पड़ाव है।
जूडो में खुशबू रजकभाई का रजत
इसी दिन 15 वर्षीय खुशबू रजकभाई दरजादा ने महिलाओं के 63 किलोग्राम जूडो वर्ग में रजत पदक जीता। वह युवा ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की दूसरी जूडो खिलाड़ी बनीं। उनसे पहले थांगजाम तबाबी देवी ने 2018 में 44 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
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- युवा ओलंपिक में खिलाड़ी की पात्रता प्रतियोगिता वर्ष की 31 दिसंबर को उसकी उम्र के आधार पर तय होती है।
- सार्वभौमिकता स्थान उन कम प्रतिनिधित्व वाले देशों के खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होते हैं, जिन्हें सामान्य क्वालीफाइंग मानकों से स्थान नहीं मिलता।
- युवा ओलंपिक में टीम खेलों के अनुकूलित प्रारूप शामिल हैं, जैसे तीन-तीन बास्केटबॉल, फुटसल और बीच हैंडबॉल।
- थांगजाम तबाबी देवी ने 2018 युवा ओलंपिक में भारत को जूडो का पहला पदक दिलाया था।
देसिंगु और दरजादा के पदक युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती मौजूदगी को रेखांकित करते हैं। तैराकी में मिला पहला पदक विशेष रूप से भारतीय खेल इतिहास में दर्ज होगा।