टेन्जिंग नोर्गे साहसिक पुरस्कार 2024: भारतीय उपलब्धियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

टेन्जिंग नोर्गे साहसिक पुरस्कार 2024: भारतीय उपलब्धियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने टेन्जिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 के चार विजेताओं की घोषणा की है। यह सम्मान भारत में भूमि साहसिक, जल साहसिक और साहसिक खेलों में आजीवन योगदान को मान्यता देता है। इस वर्ष के चयन में पर्वतारोहण, पैरा-स्विमिंग और साहसिक खेलों के संवर्धन से जुड़ी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ शामिल हैं।

किसे मिला कौन-सा सम्मान

भूमि साहसिक श्रेणी में बलजीत कौर को पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने एक ही मौसम में पांच 8,000 मीटर ऊँची चोटियाँ फतह करने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रचा। इसी श्रेणी में स्कालजंग रिगजिन को भी सम्मानित किया गया है, जिन्होंने बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन और बिना शेरपा सहायता के माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले पहले भारतीय होने की उपलब्धि हासिल की।

जल साहसिक श्रेणी में रीमो साहा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पैरा-स्विमिंग प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन के लिए चुना गया है। वहीं, शिव प्रसाद चमोली को शीतकालीन खेलों और साहसिक खेलों के प्रचार-प्रसार में लंबे योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान मिलेगा।

टेन्जिंग नोर्गे पुरस्कार क्यों खास हैं

टेन्जिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार देश में साहसिक खेलों के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों में गिने जाते हैं। इनका नाम प्रसिद्ध पर्वतारोही टेन्जिंग नोर्गे के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1953 में एडमंड हिलेरी के साथ माउंट एवरेस्ट की पहली सफल चढ़ाई में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।

ये पुरस्कार साहसिक खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ जोखिम, अनुशासन, सहनशक्ति और राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरक उपलब्धियों को भी रेखांकित करते हैं। चयन प्रक्रिया के लिए एक विशेष राष्ट्रीय चयन समिति का गठन किया जाता है, जो विभिन्न श्रेणियों में उपलब्धियों का मूल्यांकन करती है।

पुरस्कार समारोह और मिलने वाले लाभ

इन पुरस्कारों के साथ प्रत्येक विजेता को कांस्य प्रतिमा, प्रमाणपत्र, ब्लेज़र, सिल्क टाई या साड़ी और 15 लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 समारोह के साथ इन सम्मानों को प्रदान करेंगी।

सरकारी स्तर पर यह सम्मान साहसिक खेलों को मुख्यधारा में लाने और युवाओं को पर्वतारोहण, जल क्रीड़ा तथा शीतकालीन खेलों की ओर प्रेरित करने का भी माध्यम है। भारत में माउंटेनियरिंग, ट्रेकिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग और विंटर स्पोर्ट्स जैसे खेल इसी व्यापक श्रेणी में आते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • टेन्जिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार भारत में साहसिक खेलों के लिए दिया जाने वाला राष्ट्रीय सम्मान है।
  • टेन्जिंग नोर्गे ने 1953 में एडमंड हिलेरी के साथ माउंट एवरेस्ट की पहली सफल चढ़ाई में हिस्सा लिया था।
  • माउंट एवरेस्ट विश्व की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है, जो हिमालय में नेपाल और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
  • इन पुरस्कारों की श्रेणियाँ मुख्यतः भूमि साहसिक, जल साहसिक और लाइफटाइम अचीवमेंट से जुड़ी होती हैं।

इन सम्मानों से स्पष्ट है कि भारत में साहसिक खेलों की उपलब्धियाँ अब केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और प्रेरणा का भी विषय बन चुकी हैं।

Originally written on September 3, 2026 and last modified on September 3, 2026.

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