जेवर हवाई अड्डे के नामकरण प्रस्ताव में अब केंद्र की मुहर बाकी
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने 9 अक्टूबर 2026 को जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर “नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा-जेवर” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। हालांकि, नामकरण पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल को लेना है।
प्रस्तावित नाम में नोएडा और जेवर दोनों
अभी यह हवाई अड्डा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम शामिल करने के साथ नोएडा और जेवर—दोनों स्थानों का उल्लेख भी रखा गया है। राज्य सरकार ने नामकरण का उद्देश्य प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा का सम्मान करना बताया है।
राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी नाम बदलने की प्रक्रिया का एक चरण है, अंतिम स्वीकृति नहीं। प्रस्ताव पर केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल का निर्णय होने के बाद स्वीकृत नाम को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा। राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने से नया नाम आधिकारिक उपयोग के लिए दर्ज होता है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की भूमिका
यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में विकसित किया जा रहा है। इसकी स्थिति इसे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ इस क्षेत्र की सेवा करने वाला दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। दोनों अलग-अलग हवाई अड्डे हैं, लेकिन व्यापक महानगरीय क्षेत्र की जरूरतों से जुड़े हैं।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2026 में किया था। इसे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा और एक विमानन केंद्र बनाने की योजना है। नाम बदलने का प्रस्ताव केवल हवाई अड्डे के नाम से संबंधित है; इससे उसके स्थान, स्वामित्व या संचालन व्यवस्था में बदलाव का संकेत नहीं मिलता।
भारत में हवाई अड्डों के नामकरण की प्रक्रिया
भारत में किसी हवाई अड्डे का नाम शहर, क्षेत्र, सार्वजनिक व्यक्तित्व या अन्य निर्धारित पहचान से जुड़ा हो सकता है। नामकरण या नाम बदलने पर अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल करता है। इसके बाद भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी होने पर स्वीकृत नाम औपचारिक रूप से लागू होता है। इसलिए उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी को प्रस्ताव के रूप में देखना चाहिए, न कि अंतिम नामकरण के रूप में।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में स्थित है।
- हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन मार्च 2026 में हुआ था।
- इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर का दूसरा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
- हवाई अड्डे के नामकरण पर अंतिम निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल करता है और स्वीकृत नाम भारत के राजपत्र में अधिसूचित होता है।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद प्रस्ताव अब केंद्र के अंतिम निर्णय और राजपत्र में अधिसूचना की प्रतीक्षा में है।