जापान में एएमआरएएएम असेंबली से मजबूत होगी अमेरिका-जापान रक्षा साझेदारी

जापान में एएमआरएएएम असेंबली से मजबूत होगी अमेरिका-जापान रक्षा साझेदारी

अमेरिका और जापान ने जापान में एआईएम-120 उन्नत मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एएमआरएएएम) की अंतिम असेंबली और जांच के लिए एक केंद्र स्थापित करने पर सहमति जताई है। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने 28 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की। यह सहमति फिलीपींस के सेबू में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ हुई बातचीत के बाद बनी।

मिसाइल उत्पादन में सहयोग का विस्तार

यह केंद्र ‘ऑपरेशन सुपरचार्ज’ का हिस्सा है। इस संयुक्त पहल का उद्देश्य रक्षा उपकरणों और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग तेज करना है। प्रस्तावित व्यवस्था से दोनों देशों को मिसाइलों की आपूर्ति सुरक्षित करने, जापान के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत बनाने और बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिल सकती है। अमेरिकी मिसाइल भंडार पर दबाव भी इस सहयोग की पृष्ठभूमि में शामिल है।

एएमआरएएएम दोनों देशों की सेनाओं द्वारा संचालित एफ-35 लड़ाकू विमानों के लिए अहम मिसाइल है। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने एसएम-3 ब्लॉक आईआईए अवरोधक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए तकनीकी जानकारी साझा करने पर सहमति दी। यह मिसाइल पहले से ही अमेरिका और जापान का संयुक्त कार्यक्रम है। 29 अक्टूबर तक प्रस्तावित केंद्र का स्थान, निर्माण की समय-सीमा, उत्पादन क्षमता और जापानी औद्योगिक भागीदार की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा और संयुक्त सैन्य तैयारी

दोनों देशों के रक्षा प्रमुखों ने साइबर हमलों के विरुद्ध सहयोग मजबूत करने और अधिक उन्नत व यथार्थपरक संयुक्त सैन्य अभ्यासों की योजना तेजी से बनाने पर भी सहमति जताई। उनके अनुसार, ये कदम प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और प्रथम द्वीप शृंखला के आसपास विरोधी की सैन्य कार्रवाई को रोकने वाली रक्षा व्यवस्था विकसित करने के व्यापक उद्देश्य से जुड़े हैं।

एएमआरएएएम की मार्गदर्शन प्रणाली

एएमआरएएएम की विशेषता इसका सक्रिय रडार मार्गदर्शन है। लंबी दूरी पर यह प्रक्षेपण से पहले मिले लक्ष्य संबंधी आंकड़ों के आधार पर जड़त्वीय नेविगेशन से उड़ान भरती है। लक्ष्य के निकट पहुंचने पर इसका सक्रिय रडार मिसाइल को लक्ष्य तक निर्देशित करता है। इससे विमान का चालक दल एक साथ अन्य लक्ष्यों पर भी ध्यान दे सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एएमआरएएएम में सक्रिय रडार प्रणाली संकेत भेजती और प्राप्त करती है; अर्ध-सक्रिय प्रणाली मुख्य रूप से संकेत प्राप्त करती है।
  • लंबी दूरी की उड़ान के दौरान मिसाइल लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए जड़त्वीय नेविगेशन और पहले से मिली लक्ष्य जानकारी का उपयोग करती है।
  • सक्रिय रडार लक्ष्य को पकड़ लेने के बाद मिसाइल ‘दागो और भूल जाओ’ 방식 से काम कर सकती है, जिससे विमान चालक दल दूसरे लक्ष्यों पर कार्रवाई कर सकता है।
  • जामिंग की स्थिति में एएमआरएएएम सक्रिय रडार मार्गदर्शन से लक्ष्य विमान द्वारा उत्सर्जित संकेतों पर आधारित निष्क्रिय मार्गदर्शन की ओर जा सकती है।

जापान में असेंबली की योजना रक्षा आपूर्ति को अधिक सुरक्षित बनाने के साथ दोनों देशों के सैन्य और औद्योगिक सहयोग को भी गहरा कर सकती है।

Originally written on October 30, 2026 and last modified on October 30, 2026.

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