जवाहर द्वीप बना देश का पहला प्लास्टिक-मुक्त तेल टर्मिनल
मुंबई के जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल को 2 अक्टूबर 2026 को प्लास्टिक-मुक्त घोषित किया गया। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के इस कदम के साथ यह देश का पहला ऐसा तेल टर्मिनल बन गया है, जहां सिंगल-यूज प्लास्टिक का पूरी तरह उन्मूलन किया गया है। यह पहल समुद्री बंदरगाह संचालन में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
जवाहर द्वीप की रणनीतिक भूमिका
जवाहर द्वीप, जिसे बटर आइलैंड भी कहा जाता है, मुंबई तट से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित एक ऑफशोर सुविधा है। यहां पांच जेटी हैं और इसका उपयोग कच्चे तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों के संचालन के लिए किया जाता है। यह टर्मिनल भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन जैसी प्रमुख इकाइयों की जरूरतें पूरी करता है। मुंबई पोर्ट के कुल यातायात में पेट्रोलियम कार्गो की हिस्सेदारी लगभग तीन-पांचवां है, इसलिए इस टर्मिनल की भूमिका बेहद अहम है।
स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरणीय संदेश
प्लास्टिक-मुक्त घोषणा स्वच्छता अभियान 2026 के तहत ग्रे गेट, इंदिरा डॉक पर की गई। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर को आयोजित हुआ, जो महात्मा गांधी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर ने स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और समुद्री पर्यावरण संरक्षण के संदेश को और मजबूत किया। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अपने डॉक, आवासीय कॉलोनियों और तटीय क्षेत्रों में सिंगल-यूज प्लास्टिक घटाने की योजना भी बनाई है। यह पहल केवल संचालन क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक और आवासीय परिसरों को भी शामिल करती है।
तेल रिसाव नियंत्रण के लिए नई सुविधाएं
इसी दिन केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पोर्ट की नई ऑयल स्पिल रिस्पॉन्स सुविधाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। ऑयल स्पिल रिस्पॉन्स सिस्टम समुद्र में तेल प्रदूषण को रोकने, उसे सीमित करने, एकत्र करने और नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। बंदरगाहों पर ऐसे तंत्र समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं, क्योंकि तेल रिसाव से जलजीवों और तटीय पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल मुंबई हार्बर में स्थित एक ऑफशोर तेल टर्मिनल है।
- जवाहर द्वीप का दूसरा नाम बटर आइलैंड है।
- सिंगल-यूज प्लास्टिक वे वस्तुएं होती हैं, जिन्हें एक बार उपयोग के बाद फेंक दिया जाता है।
- 2 अक्टूबर को भारत में गांधी जयंती मनाई जाती है।
जवाहर द्वीप का प्लास्टिक-मुक्त होना बंदरगाहों में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल दिखाती है कि औद्योगिक गतिविधियों के साथ टिकाऊ प्रबंधन को भी समान प्राथमिकता दी जा सकती है।