चेन्नई में वल्चर का एआई सुपरक्लस्टर, भारत की कंप्यूट क्षमता को बल

चेन्नई में वल्चर का एआई सुपरक्लस्टर, भारत की कंप्यूट क्षमता को बल

अमेरिका की क्लाउड अवसंरचना कंपनी वल्चर ने 2 नवंबर 2026 को चेन्नई में 20 मेगावाट क्षमता वाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुपरक्लस्टर शुरू किया। एएमडी इंस्टिंक्ट एमआई355एक्स जीपीयू से लैस इस केंद्र में शुरुआती चरण में लगभग 10,000 जीपीयू लगाने की योजना है। भारत में एएमडी इंस्टिंक्ट पर आधारित यह वल्चर की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है।

बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए केंद्र

चेन्नई सुपरक्लस्टर को बड़े भाषा मॉडल और आधारभूत मॉडल के प्रशिक्षण, उन्हें विशिष्ट कामों के लिए तैयार करने तथा बड़े पैमाने पर उत्तर तैयार करने के लिए बनाया गया है। इसका उपयोग एआई प्रयोगशालाएं, स्टार्टअप, कंपनियां, शोध संस्थान और विश्वविद्यालय कर सकेंगे। इस तरह उच्च कंप्यूट क्षमता तक पहुंच केवल बड़ी तकनीकी कंपनियों तक सीमित न रहकर शोध और नवाचार से जुड़े अन्य संस्थानों के लिए भी उपलब्ध हो सकती है।

केंद्र में एएमडी का आरओसीएम खुला सॉफ्टवेयर परिवेश इस्तेमाल होगा। इसके माध्यम से डेवलपर एआई फ्रेमवर्क, लाइब्रेरी और मॉडल का उपयोग कर सकते हैं। तमिलनाडु सरकार ने इस स्थान पर कुल 150 मेगावाट की कनेक्टेड बिजली क्षमता उपलब्ध कराई है, जिसमें शुरुआती तैनाती के लिए 20 मेगावाट निर्धारित है। वल्चर के अनुसार, चेन्नई केंद्र की क्षमता का एक बड़ा हिस्सा वैश्विक कंपनियां पहले ही आरक्षित कर चुकी हैं।

विस्तार की योजना और रोजगार

वल्चर ने 2027 में एएमडी के एमआई455एक्स जीपीयू और हेलिओस रैक-स्तरीय एआई प्रणाली जोड़ने की योजना बताई है। कंपनी भारत में 2028 तक 600 मेगावाट और 2029 तक गीगावाट स्तर की एआई अवसंरचना क्षमता का लक्ष्य रखती है। हालांकि, इन लक्ष्यों के लिए उसने पक्की समय-सीमा तय नहीं की है।

कंपनी ने पिछले तीन महीनों में भारत में 100 से अधिक लोगों को नियुक्त किया है। नेटवर्क इंजीनियरिंग और संचालन क्षेत्रों में मार्च तक हजारों अतिरिक्त नियुक्तियों की संभावना जताई गई है। आगे चलकर चेन्नई में वल्चर की टीम 5,000 लोगों तक पहुंच सकती है। StartupTN के साथ समझौते के तहत तमिलनाडु के पात्र स्टार्टअप को 45,000 अमेरिकी डॉलर तक के क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट और विशेष मूल्य मिल सकते हैं।

तमिलनाडु के एआई पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्व

सुपरक्लस्टर का महत्व केवल जीपीयू की संख्या तक सीमित नहीं है। एआई मॉडल के प्रशिक्षण और संचालन के लिए बड़े पैमाने पर संगणना, बिजली और नेटवर्क क्षमता की जरूरत होती है। चेन्नई में इन संसाधनों का विस्तार कंपनियों तथा शोध संस्थानों को जटिल एआई कार्यभार संभालने का स्थानीय विकल्प दे सकता है। स्टार्टअप को मिलने वाले क्रेडिट से शुरुआती कंप्यूट लागत घटाने में भी मदद मिल सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आरओसीएम में जीपीयू प्रोग्रामिंग के लिए एचआईपी, निर्देश-आधारित प्रोग्रामिंग के लिए ओपनएमपी और एक अन्य विकल्प के रूप में ओपनसीएल उपलब्ध हैं।
  • जीपीटी जैसे बड़े भाषा मॉडल का पूर्व-प्रशिक्षण विस्तृत डेटा पर अगले शब्द का अनुमान लगाने से शुरू होता है; इसके बाद मॉडल को विशिष्ट कार्यों के लिए तैयार किया जा सकता है।
  • एमआई355एक्स सहित एएमडी की एमआई350 श्रृंखला के त्वरक सीडीएनए 4 वास्तुकला पर आधारित हैं, जिसे डेटा-केंद्र एआई और उच्च-प्रदर्शन संगणना के लिए बनाया गया है।
  • एएमडी के कुछ इंस्टिंक्ट बहु-त्वरक मंचों में इन्फिनिटी फैब्रिक कड़ियां जीपीयू के बीच तेज डेटा संचार में मदद करती हैं।

चेन्नई की यह परियोजना भारत में एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना और तकनीकी रोजगार के विस्तार की दिशा में एक बड़ा निवेश है। इसकी दीर्घकालीन गति कंपनी की घोषित विस्तार योजनाओं और बिजली तथा मांग की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

Originally written on November 3, 2026 and last modified on November 3, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *