चेन्नई में डेटा सेंटर विस्तार से भारत की डिजिटल क्षमता को बढ़ावा

चेन्नई में डेटा सेंटर विस्तार से भारत की डिजिटल क्षमता को बढ़ावा

कैपिटालैंड इंडिया ट्रस्ट (सीएलआईएनटी) ने 15 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के अंबत्तूर में कैपिटालैंड डेटा सेंटर चेन्नई 01 का अनावरण किया। सीएलआईएनटी और कैपिटालैंड इंडिया डेटा सेंटर फंड के संयुक्त स्वामित्व वाली इस परियोजना में लगभग 1,940 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। केंद्र 2026 के अंत तक किरायेदारों के उपयोग के लिए तैयार होने की उम्मीद है।

अंबत्तूर में बन रहा विशाल डेटा सेंटर

चार एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही इस सुविधा का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग छह लाख वर्ग फुट होगा। इसमें भूतल के साथ सात ऊपरी मंजिलें और 13 डेटा हॉल होंगे। परियोजना की कुल विद्युत क्षमता 53 मेगावाट और सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों के लिए उपलब्ध क्षमता 34 मेगावाट निर्धारित की गई है। केंद्र की बिजली आपूर्ति के लिए 110 किलोवोल्ट का समर्पित उपकेंद्र भी बनाया जाएगा।

कुल क्षमता में परिसर की समग्र बिजली व्यवस्था शामिल होती है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षमता कंप्यूटर और सर्वर जैसे उपकरणों के संचालन के लिए उपलब्ध बिजली को दर्शाती है। इस तरह की बड़ी सुविधाएं क्लाउड सेवाओं, डेटा भंडारण और डिजिटल संचालन के लिए जरूरी आधार प्रदान करती हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च क्षमता वाली गणना पर जोर

चेन्नई केंद्र को उच्च-प्रदर्शन गणना और नवीनतम जीपीयू आधारित कार्यभार के लिए तैयार किया जा रहा है। जीपीयू एक साथ अनेक गणनाएं करने में सक्षम होते हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े अनुप्रयोगों में उपयोग किए जाते हैं। इसी कारण केंद्र को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुकूल बनाया गया है और इसमें अधिक बिजली की जरूरत वाले उपकरणों को समायोजित करने की व्यवस्था होगी।

सुविधा में तरल-आधारित शीतलन प्रणाली भी इस्तेमाल की जा सकेगी। इसमें उपकरणों से निकलने वाली गर्मी को तरल माध्यम से हटाया जाता है। केंद्र में बहु-वाहक दूरसंचार संपर्क की सुविधा होगी, जिससे यह किसी एक दूरसंचार प्रदाता पर निर्भर रहने के बजाय कई प्रदाताओं से जुड़ सकेगा। सीएलआईएनटी ने किरायेदारों के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के विकल्पों पर काम करने की भी बात कही है।

सीएलआईएनटी के डेटा सेंटर कारोबार का विस्तार

चेन्नई परियोजना सीएलआईएनटी का दूसरा डेटा सेंटर विकास है। इसका पहला केंद्र नवी मुंबई में 108 मेगावाट क्षमता के साथ 2025 में पूरा हुआ था और उसे एक वैश्विक हाइपरस्केलर ने पूरी तरह किराये पर लिया है। चेन्नई परियोजना का विकास 2024 में शुरू हुआ। तमिलनाडु में कैपिटालैंड इन्वेस्टमेंट की अन्य परिसंपत्तियों में तारामणि स्थित इंटरनेशनल टेक पार्क चेन्नई के साथ औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और आवासीय सुविधाएं भी शामिल हैं। अनावरण कार्यक्रम में सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री गण किम योंग और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उपस्थित थे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एक मेगावाट, 1,000 किलोवाट के बराबर होता है।
  • एक किलोवोल्ट, 1,000 वोल्ट के बराबर होता है।
  • डेटा सेंटर में गणना, भंडारण और नेटवर्किंग के उपकरण रखे जाते हैं।
  • हाइपरस्केलर बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग ढांचा चलाने वाला क्लाउड सेवा प्रदाता होता है।

चेन्नई में यह निवेश दक्षिण भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा क्लाउड सेवाओं की बढ़ती जरूरतों के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

Originally written on October 16, 2026 and last modified on October 16, 2026.

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