गुवाहाटी में शिल्प समागम से कारीगरों को मिलेगा बाजार

गुवाहाटी में शिल्प समागम से कारीगरों को मिलेगा बाजार

असम के गुवाहाटी स्थित खानापारा के फार्म गेट में शिल्प समागम मेला 2026 का आयोजन 21 से 28 अक्टूबर तक किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगर अपने हस्तकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं।

कारीगरों और उनके उत्पादों के लिए बाजार

मेले में कुल 75 कारीगर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 31 महिलाएं हैं। यहां हस्तकरघा और हस्तशिल्प की लगभग 40 प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध हैं। हस्तकरघा उत्पाद हाथ से चलने वाले करघों पर बुने जाते हैं, जबकि हस्तशिल्प में कारीगर अपने कौशल और औजारों से वस्तुएं तैयार करते हैं।

यह मेला कारीगरों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने और अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार तलाशने का अवसर देता है। इसका उद्देश्य केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनसे जुड़े समुदायों के लिए उद्यमिता और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देना भी है। गुवाहाटी का आयोजन 2022 से मंत्रालय द्वारा आयोजित की जा रही शिल्प समागम मेलों की श्रृंखला का हिस्सा है। इस वर्ष मैसूर में आयोजित मेला 19 अक्टूबर को समाप्त हुआ था।

किन समुदायों को मिलता है लाभ

मेले के प्रमुख लाभार्थियों में अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्रों और विमुक्त जनजातियों से जुड़े कारीगर शामिल हैं। यहां सफाई मित्र शब्द का उपयोग स्वच्छता कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए किया गया है। विमुक्त जनजातियां उन समुदायों को कहा जाता है जिन्हें कभी 1871 के आपराधिक जनजाति अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था। यह अधिनियम 1952 में निरस्त कर दिया गया।

संविधान का अनुच्छेद 341 अनुसूचित जातियों के विनिर्देशन से संबंधित है। अनुच्छेद 340 सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच के लिए आयोग नियुक्त करने का प्रावधान करता है।

भारत-ट्यूलिप कार्यक्रम की भूमिका

मेले में भारत-ट्यूलिप यानी पारंपरिक कारीगर उन्नयन आजीविका कार्यक्रम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य भौतिक बिक्री केंद्रों और ई-वाणिज्य मंचों के माध्यम से कारीगरों के उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाना है। शिल्प समागम जैसे आयोजन कारीगरों और खरीदारों के बीच सीधा संपर्क बनाने में मदद करते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • गुवाहाटी शिल्प समागम मेला 21 से 28 अक्टूबर 2026 तक खानापारा के फार्म गेट में आयोजित है।
  • मेले का आयोजन भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय कर रहा है।
  • संविधान का अनुच्छेद 341 अनुसूचित जातियों के विनिर्देशन और अनुच्छेद 340 पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच के लिए आयोग से संबंधित है।
  • आपराधिक जनजाति अधिनियम 1871 में बनाया गया था और 1952 में निरस्त कर दिया गया।

शिल्प समागम गुवाहाटी में पारंपरिक उत्पादों को सामने लाने के साथ-साथ वंचित समुदायों के कारीगरों के लिए नए बाजार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की पहल है।

Originally written on October 21, 2026 and last modified on October 21, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *