क्रू-13 मिशन ने अंतरिक्ष स्टेशन तक अमेरिकी रिकॉर्ड यात्रा दर्ज की
नासा और स्पेसएक्स का क्रू-13 मिशन 1 अक्टूबर 2026 को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से सफलतापूर्वक रवाना हुआ। Crew Dragon अंतरिक्षयान ‘Grace’ में सवार चार सदस्य अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए छह महीने के वैज्ञानिक अभियान पर भेजे गए। यह उड़ान इसलिए भी खास रही क्योंकि अमेरिकी अंतरिक्षयान द्वारा ISS तक पहुंचने का समय नया रिकॉर्ड बना।
कौन-कौन गया अंतरिक्ष स्टेशन
क्रू-13 में नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिन्स कमांडर थीं, जबकि ल्यूक डिलेनी पायलट की भूमिका में थे। इनके साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जोशुआ कुट्रिक और रोसकॉसमॉस के सर्गेई टेटेर्यातनिकोव भी शामिल थे। यह दल अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित उस व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके तहत ISS पर अलग-अलग देशों के अंतरिक्ष यात्री साथ काम करते हैं।
लॉन्च, डॉकिंग और नया रिकॉर्ड
मिशन को फाल्कन 9 रॉकेट ने अंतरिक्ष में भेजा। Crew Dragon ‘Grace’ ने स्वचालित रूप से ISS के हार्मनी मॉड्यूल के आगे वाले पोर्ट से डॉकिंग की। लॉन्च से डॉकिंग तक का समय 7 घंटे 55 मिनट रहा, जो किसी अमेरिकी अंतरिक्षयान द्वारा ISS तक पहुंचने का अब तक का सबसे तेज समय माना गया। हatches खुलने के बाद चालक दल ने एक्सपेडिशन 75 के साथ काम शुरू किया।
मिशन में देरी और वैज्ञानिक उद्देश्य
यह मिशन पहले 12 सितंबर 2026 के लिए तय था, लेकिन Crew Dragon Grace में प्रोपेलेंट ऑक्सिडाइज़र लीक मिलने के बाद इसे टालना पड़ा। बाद में तकनीकी जांच और सुधार के बाद प्रक्षेपण किया गया। ISS पर यह दल मानव स्टेम सेल-आधारित ऊतकों पर शोध करेगा, जिससे व्यक्तिगत चिकित्सा, रोग-नमूनाकरण और गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए जरूरी तकनीकों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन नवंबर 2000 से लगातार मानव उपस्थिति वाला कक्षीय प्रयोगशाला केंद्र है।
- हार्मनी मॉड्यूल ISS का प्रमुख जोड़ने वाला हिस्सा है और इसमें कई डॉकिंग पोर्ट मौजूद हैं।
- फाल्कन 9 एक आंशिक रूप से पुन: उपयोग होने वाला रॉकेट है, जिसकी पहली अवस्था लॉन्च के बाद वापस उतर सकती है।
- स्पेसएक्स का Crew Dragon, नासा के Commercial Crew Programme का हिस्सा है, जिसके तहत निजी अंतरिक्षयान से अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जाता है।
क्रू-13 मिशन ने एक बार फिर दिखाया कि अंतरिक्ष अन्वेषण अब केवल यात्रा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पुन: उपयोगी तकनीक और उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक शोध का संयुक्त मंच बन चुका है।