ओडिशा में सरकारी वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य
ओडिशा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन खर्च में कमी लाने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 1 जून 2026 से सरकारी उपयोग के लिए खरीदे जाने वाले सभी नए दोपहिया और चारपहिया वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे। यह नियम सरकारी कार्यों के लिए किराए पर लिए जाने वाले चारपहिया वाहनों पर भी लागू होगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस संबंध में 21 मई 2026 को एक आठ-सूत्रीय योजना के तहत निर्देश जारी किए।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल
राज्य सरकार का यह कदम स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल और डीजल पर निर्भर नहीं होते, बल्कि रिचार्जेबल बैटरियों में संग्रहित बिजली से चलते हैं। इससे प्रदूषण कम होता है और लंबे समय में संचालन लागत भी घटती है। सरकारी आदेश के अनुसार पेट्रोल और डीजल वाहनों की खरीद केवल विशेष परिस्थितियों या विशेष जरूरतों में ही की जा सकेगी। इससे सरकारी विभागों में पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों का उपयोग धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
ईंधन खपत कम करने पर जोर
ओडिशा सरकार ने केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद तक ही अपनी नीति सीमित नहीं रखी है, बल्कि ईंधन उपयोग में कमी लाने के लिए भी कई निर्देश जारी किए हैं। राज्य में जिन वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी वाहन आवंटित किए गए हैं, उन्हें अब कारपूलिंग अपनानी होगी। इसके साथ ही ऐसे वाहनों के लिए ईंधन आवंटन को आधा कर दिया जाएगा। सभी सरकारी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सरकारी वाहनों की मासिक ईंधन खपत में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी लाई जाए। यह कदम सरकारी खर्च नियंत्रित करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
वित्त विभाग जारी करेगा दिशा-निर्देश
ओडिशा वित्त विभाग को 15 दिनों के भीतर नए दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है। इन दिशा-निर्देशों में उन अधिकारियों की श्रेणियां तय की जाएंगी जो सरकारी वाहनों के पात्र होंगे। इसके अलावा निजी स्वामित्व वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को सरकारी कार्यों में उपयोग करने के लिए भी नियम बनाए जाएंगे। यह नीति प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
केंद्र सरकार की भी समान पहल
केंद्र सरकार ने भी मई 2026 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को परिचालन खर्च कम करने तथा पेट्रोल-डीजल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के निर्देश दिए थे। इससे स्पष्ट है कि देशभर में सरकारी संस्थानों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” इलेक्ट्रिक वाहन एक या अधिक इलेक्ट्रिक मोटरों से चलते हैं और इनमें रिचार्जेबल बैटरियों का उपयोग होता है। ” भारत में सरकारी बेड़ों में दोपहिया और चारपहिया वाहन सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं। ” ईंधन खपत में कमी के लक्ष्य सरकारी परिवहन नीतियों में खर्च नियंत्रित करने के लिए अपनाए जाते हैं। ” सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। ओडिशा सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले समय में यह नीति अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।