एशियाई खेल और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भारत की तीरंदाजी तैयारी तेज
भारत ने एशियाई खेलों और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 को ध्यान में रखते हुए अपनी तीरंदाजी कोचिंग व्यवस्था को मजबूत करना शुरू कर दिया है। भारतीय तीरंदाजी टीम के लिए विदेशी और भारतीय दोनों स्तर के विशेषज्ञ कोचों की नियुक्ति की जा रही है ताकि खिलाड़ियों का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर हो सके। हरियाणा के सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र इस तैयारी का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र बना हुआ है, जहां राष्ट्रीय शिविर आयोजित किए जाते हैं।
कंपाउंड तीरंदाजी टीम के लिए डेव कजिंस की नियुक्ति
पूर्व विश्व नंबर-1 अमेरिकी तीरंदाज डेव कजिंस को भारत की कंपाउंड तीरंदाजी टीम का मुख्य विदेशी कोच नियुक्त किया गया है। वह जल्द ही सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र में राष्ट्रीय शिविर से जुड़ेंगे। उनका अनुबंध लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 तक जारी रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें प्रतिमाह 12,000 अमेरिकी डॉलर वेतन दिया जाएगा। डेव कजिंस को कंपाउंड तीरंदाजी का अनुभवी विशेषज्ञ माना जाता है और उनकी नियुक्ति से भारतीय खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक तैयारी में लाभ मिलने की उम्मीद है।
रिकर्व टीम के साथ दक्षिण कोरियाई कोच
भारत की रिकर्व तीरंदाजी टीम के साथ दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध कोच किसिक ली को जोड़ा गया है। उन्हें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 चक्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार उन्हें प्रत्येक सात दिवसीय कोचिंग सत्र के लिए 22,000 अमेरिकी डॉलर तथा अतिरिक्त 5,000 डॉलर मासिक रिटेनर शुल्क दिया जाएगा। इससे पहले दक्षिण कोरियाई कोच बैक वूंग की भारतीय टीम के साथ जुड़े थे, लेकिन पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए मान्यता नहीं मिलने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
भारतीय कोचों की भूमिका भी महत्वपूर्ण
विदेशी कोचों के साथ भारतीय कोच भी खिलाड़ियों की तैयारी में अहम योगदान दे रहे हैं। इटली के सर्जियो पाग्नी को 8 जनवरी 2026 को भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम का मुख्य कोच दोबारा नियुक्त किया गया। उनका अनुबंध भी लॉस एंजिलिस खेलों तक रहेगा। बताया गया है कि वह महीने में 15 दिन कार्य करेंगे और उन्हें प्रतिदिन 500 डॉलर भुगतान किया जाएगा। भारत की स्टार रिकर्व तीरंदाज दीपिका कुमारी और अनुभवी खिलाड़ी अतनु दास ने दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन राहुल बनर्जी को अपना निजी कोच नियुक्त किया था। इससे खिलाड़ियों की व्यक्तिगत तकनीकी तैयारी को मजबूती मिलने की संभावना है।
युवा खिलाड़ियों पर भी ध्यान
भारतीय तीरंदाजी में नई प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। किशोर तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने 2026 एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई किया है, जो भारतीय तीरंदाजी के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। भारतीय महिला टीम के साथ उनके कोच उधम सिंह भी यात्रा करेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी विदेशी कोचों और घरेलू विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास से भारत की तीरंदाजी टीम आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ओलंपिक खेलों में वर्तमान में केवल रिकर्व तीरंदाजी को शामिल किया गया है।
- एशियाई खेलों का आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के तहत किया जाता है।
- भारतीय खेल प्राधिकरण युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन देश की प्रमुख खेल संस्था है।
- लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक को आधिकारिक रूप से “गेम्स ऑफ द XXXIV ओलंपियाड” कहा जाएगा।
भारत की तीरंदाजी टीम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है। अनुभवी कोचों की नियुक्ति, आधुनिक प्रशिक्षण और युवा खिलाड़ियों पर ध्यान भारत को भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं में मजबूत दावेदार बना सकता है।