एशियाई खेलों में भारत की महिला कंपाउंड टीम ने रचा नया इतिहास

एशियाई खेलों में भारत की महिला कंपाउंड टीम ने रचा नया इतिहास

भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 30 सितंबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत लिया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रीथिका प्रदीप और चिकिता तनिपर्थी की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ अपना दबदबा कायम रखा, बल्कि लगातार दूसरी बार महिला कंपाउंड टीम इवेंट में स्वर्ण भी जीता।

फाइनल में सटीक निशाने, चीन पर निर्णायक बढ़त

ओकाज़ाकी चुओ सोगो पार्क में खेले गए फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मैच में संयम और निरंतरता दिखाई। 238 अंकों का भारत का स्कोर बेहद प्रभावशाली रहा और चीन को 234 पर रोक दिया गया। यह मुकाबला दबाव, सटीकता और मानसिक मजबूती का अच्छा उदाहरण रहा, क्योंकि कंपाउंड तीरंदाजी में हर तीर का महत्व निर्णायक होता है।

भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। यह जीत भी बेहद करीबी रही और टीम की प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाती है।

रिकॉर्ड के बराबर पहुंचा भारत का स्कोर

फाइनल में भारत का 238 का स्कोर मौजूदा विश्व और एशियाई रिकॉर्ड के बराबर रहा। यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया ने 2014 इंचियोन एशियाई खेलों में बनाया था। इस तरह भारत ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि उच्च स्तरीय प्रदर्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब अपनी क्षमता भी साबित की।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कंपाउंड तीरंदाजी में टीम तालमेल, निशाने की निरंतरता और दबाव में प्रदर्शन सबसे अहम होते हैं। भारत की यह जीत बताती है कि देश अब इस स्पर्धा में शीर्ष टीमों के बराबर खड़ा है।

ज्योति सुरेखा वेन्नम की निरंतरता और भारत की पदक यात्रा

ज्योति सुरेखा वेन्नम भारतीय महिला कंपाउंड टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह 2014 से अब तक भारत की सभी महिला कंपाउंड टीम पदक जीतने वाली टीमों का हिस्सा रही हैं। उनके करियर में 2014 में कांस्य, 2018 में रजत, और अब 2023 तथा 2026 में लगातार दो स्वर्ण शामिल हैं।

महिला कंपाउंड टीम इवेंट 2014 से एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है, और तब से भारत ने इस स्पर्धा में चार पदक-विजेता टीम संयोजन तैयार किए हैं। 2026 का स्वर्ण भारत का एशियाई खेलों में सातवां स्वर्ण भी रहा, जो देश के कुल प्रदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एशियाई खेलों का आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है।
  • कंपाउंड तीरंदाजी में कंपाउंड बो का उपयोग होता है, जिसमें कैम और पुली की प्रणाली होती है।
  • ओलंपिक तीरंदाजी में आमतौर पर रिकर्व बो का इस्तेमाल होता है, जबकि कंपाउंड बो अलग तकनीक पर आधारित है।
  • महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा 2014 से एशियाई खेलों में शामिल है, और दक्षिण कोरिया ने उसी वर्ष विश्व/एशियाई रिकॉर्ड बनाया था।

यह स्वर्ण पदक भारत की महिला तीरंदाजी में गहराई, अनुभव और निरंतरता का संकेत है। लगातार बड़े मुकाबलों में पदक जीतना भारतीय कंपाउंड टीम को एशिया की सबसे मजबूत टीमों में बनाए रखता है।

Originally written on September 30, 2026 and last modified on September 30, 2026.

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