एशियन गेम्स में भारत को रोइंग से ऐतिहासिक कांस्य

एशियन गेम्स में भारत को रोइंग से ऐतिहासिक कांस्य

सतनाम सिंह और सलमान खान ने 24 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स में पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए एक अहम उपलब्धि दर्ज की। नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर भारतीय जोड़ी ने 6:13.25 का समय निकाला। इस मुकाबले में चीन ने स्वर्ण और उज्बेकिस्तान ने रजत पदक जीता।

भारत के लिए क्यों खास रही यह उपलब्धि

यह पदक भारतीय रोइंग के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियन गेम्स में पुरुषों की डबल स्कल्स में भारत का यह पहला पदक है। सतनाम सिंह पहले भी एशियन गेम्स में पदक जीत चुके हैं, जबकि सलमान खान के लिए यह इस स्पर्धा में पहला एशियन गेम्स पदक रहा। इस प्रदर्शन ने भारत की रोइंग टीम की निरंतरता और प्रतिस्पर्धी क्षमता को फिर से सामने रखा है।

डबल स्कल्स स्पर्धा क्या होती है

रोइंग की डबल स्कल्स स्पर्धा में दो खिलाड़ी नाव चलाते हैं और दोनों के हाथ में दो-दो चप्पू होते हैं। यह स्कलिंग श्रेणी का हिस्सा है, जो स्वीप रोइंग से अलग होती है। स्वीप रोइंग में प्रत्येक खिलाड़ी एक ही चप्पू का उपयोग करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोइंग रेस आमतौर पर 2,000 मीटर की दूरी पर कराई जाती हैं।

एशियन गेम्स और रोइंग का महत्व

एशियन गेम्स एशिया का सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन है, जिसे ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया आयोजित करता है। रोइंग इस कार्यक्रम का नियमित हिस्सा रहा है और इसमें स्कलिंग तथा स्वीप, दोनों तरह की स्पर्धाएं शामिल होती हैं। ऐसे आयोजनों में पदक जीतना न केवल खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि होती है, बल्कि देश की खेल व्यवस्था और तैयारी का भी संकेत देता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • रोइंग का संचालन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर World Rowing करता है, जिसे पहले Fédération Internationale des Sociétés d’Aviron कहा जाता था।
  • स्कलिंग में प्रत्येक खिलाड़ी दो चप्पू चलाता है, जबकि स्वीप रोइंग में एक चप्पू का उपयोग होता है।
  • एशियन गेम्स हर चार वर्ष में आयोजित होते हैं और यह एशिया का सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन है।
  • TOPS यानी Target Olympic Podium Scheme भारत सरकार की एक पहल है, जो पदक संभावित खिलाड़ियों को सहायता देती है।

सतनाम सिंह और सलमान खान का यह कांस्य पदक भारतीय रोइंग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की उम्मीदों को और मजबूत करता है।

Originally written on September 24, 2026 and last modified on September 24, 2026.

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