एशियाई खेलों में भारतीय स्कीट निशानेबाजों ने दिलाए दो कांस्य
एशियाई खेल 2026 में 23 सितंबर को भारत ने स्कीट टीम स्पर्धा में पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में कांस्य पदक जीतकर निशानेबाजी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। पुरुष टीम ने शूट-ऑफ में कजाखस्तान को हराया, जबकि महिला टीम ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 331 हिट के साथ पदक अपने नाम किया।
पुरुष टीम ने शूट-ऑफ में जीता कांस्य
भारतीय पुरुष स्कीट टीम में अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल शामिल थे। तीनों निशानेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन से टीम ने 346 अंक जुटाए और कजाखस्तान के खिलाफ शूट-ऑफ में बढ़त बनाकर कांस्य पदक हासिल किया। टीम इवेंट में हर निशानेबाज का योगदान महत्वपूर्ण होता है, इसलिए यह पदक सामूहिक स्थिरता और दबाव में सटीकता का नतीजा माना जा रहा है।
महिला टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
महिला स्कीट टीम में पारिनाज़ ढिल्लों, राइज़ा ढिल्लों और महेश्वरी चौहान शामिल थीं। इस टीम ने पांच क्वालिफिकेशन राउंड में 331 हिट दर्ज किए और कांस्य पदक जीता। यह एशियाई खेलों में महिला टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक भी रहा, इसलिए इसे भारतीय शूटिंग के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
स्कीट शूटिंग और एशियाई खेलों का महत्व
स्कीट शूटिंग शॉटगन वर्ग की एक प्रतिस्पर्धा है, जिसमें निशानेबाज तय स्टेशनों से छोड़े गए क्ले टारगेट पर फायर करते हैं। यह खेल व्यक्तिगत और टीम, दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। एशियाई खेल महाद्वीपीय बहु-खेल आयोजन हैं, जिनका संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के तहत होता है। ऐसे मंच पर पदक जीतना न केवल खिलाड़ी की रैंकिंग और आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि देश की शूटिंग परंपरा को भी मजबूती देता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्कीट शूटिंग शॉटगन शूटिंग की प्रमुख स्पर्धाओं में से एक है; इसके साथ ट्रैप और डबल ट्रैप भी जुड़े हैं।
- एशियाई खेल एशिया का बहु-खेल आयोजन है, जिसका संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है।
- टीम शूटिंग इवेंट में आम तौर पर एक ही देश के तीन निशानेबाजों के स्कोर जोड़े जाते हैं।
- 23 सितंबर 2026 तक भारत की शूटिंग टीम ने एशियाई खेल 2026 में कुल सात पदक जीते थे, जिनमें चार रजत और तीन कांस्य शामिल थे।
इसी दिन राइज़ा ढिल्लों और अनंतजीत सिंह नरूका अपने-अपने व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचे, लेकिन चौथे स्थान पर रहे। इसके बावजूद स्कीट टीम स्पर्धा में आए दोनों कांस्य पदकों ने भारत की शूटिंग पदक तालिका को और मजबूत किया।