एनआईईएलआईटी-इंटेल की पहल से एजेंटिक एआई कौशल को नई दिशा
देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोजगार और तकनीकी कौशल की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) और इंटेल इंडिया ने 3 सितंबर 2026 को एजेंटिक एआई स्किलिंग प्रोग्राम्स की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को ऐसे एआई सिस्टम के लिए तैयार करना है, जो केवल सुझाव देने तक सीमित न रहकर बहु-चरणीय कार्यों को समझने, योजना बनाने और पूरा करने में सक्षम हों।
एजेंटिक एआई क्या है और यह क्यों अहम है
एजेंटिक एआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वह श्रेणी है, जिसमें सिस्टम सीमित मानवीय हस्तक्षेप के साथ लक्ष्य-आधारित काम कर सकते हैं। ऐसे सिस्टम डिजिटल वातावरण में तर्क, योजना, टूल के उपयोग और कार्य निष्पादन जैसी क्षमताओं से जुड़े होते हैं। पारंपरिक प्रेडिक्टिव सिस्टम जहां केवल डेटा के आधार पर अनुमान लगाते हैं, वहीं एजेंटिक एआई क्रमबद्ध तरीके से काम पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ता है।
यह बदलाव उद्योगों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में ऑटोमेशन, वर्कफ्लो मैनेजमेंट, ग्राहक सेवा, डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल ऑपरेशंस में ऐसे कौशल की मांग बढ़ सकती है।
एनआईईएलआईटी और इंटेल की संयुक्त पहल
इस कार्यक्रम के तहत एनआईईएलआईटी और इंटेल इंडिया ने नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में “Preparing the Future Workforce for the Agentic AI Era” विषय पर राष्ट्रीय नेतृत्व संवाद भी आयोजित किया। इसमें श्री शशि शेखर वेंपटी, डॉ. एम. एम. त्रिपाठी, श्री सुदीप श्रीवास्तव और श्री अनशुल सोनक सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का फोकस केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके तहत पाठ्यक्रम, व्यावहारिक सीख, शिक्षकों की तैयारी, एआई-सक्षम लर्निंग वातावरण और सरकार-शिक्षा-उद्योग सहयोग जैसे पांच क्षेत्रों पर काम किया जाएगा।
कौशल विकास और रोजगार क्षमता पर फोकस
यह पहल देशभर के एनआईईएलआईटी केंद्रों के माध्यम से चलाई जाएगी। इसका लक्ष्य छात्रों और पेशेवरों को ऐसे व्यावहारिक कौशल देना है, जिनकी मदद से वे एजेंटिक सिस्टम विकसित करने, उन्हें स्वचालित करने और लागू करने में सक्षम हो सकें।
सरकारी संस्थान और निजी तकनीकी कंपनी की यह साझेदारी इस बात का संकेत है कि एआई शिक्षा अब केवल सैद्धांतिक विषय नहीं रह गई है, बल्कि रोजगार, नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ चुकी है। खासकर उन युवाओं के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है, जो उभरती तकनीकों में करियर बनाना चाहते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एनआईईएलआईटी, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- इंटेल एक वैश्विक तकनीकी कंपनी है, जो सेमीकंडक्टर और प्रोसेसर के लिए जानी जाती है।
- एजेंटिक एआई में सिस्टम एक से अधिक चरणों में लक्ष्य-आधारित कार्य कर सकते हैं।
- इंडिया हैबिटेट सेंटर नई दिल्ली का एक बहु-संस्थागत परिसर है, जहां सम्मेलन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
कुल मिलाकर, यह पहल भारत में एआई कौशल विकास को उद्योग-उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने में मदद मिल सकती है।