एचआईवी रोकथाम में लंबी अवधि के जेनेरिक इंजेक्शन की नई पहल
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज को 2 नवंबर 2026 को एचआईवी-1 की रोकथाम के लिए लेनैकापाविर के जेनेरिक, वर्ष में दो बार दिए जाने वाले इंजेक्शन हेतु अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से अस्थायी मंजूरी मिली। यह मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति की आपातकालीन एड्स राहत योजना के तहत दी गई है। इससे उन देशों में सस्ती और लंबे समय तक असर करने वाली रोकथाम दवा उपलब्ध कराने की दिशा में रास्ता खुल सकता है, जहां इसकी जरूरत अधिक है।
किसके लिए है यह इंजेक्शन
यह इंजेक्शन एचआईवी-1 के यौन संपर्क से होने वाले संक्रमण का जोखिम घटाने के लिए पूर्व-संपर्क रोकथाम (प्रेप) में इस्तेमाल किया जाना है। यह कम-से-कम 35 किलोग्राम वजन वाले वयस्कों और किशोरों के लिए निर्धारित है। साल में दो खुराक की व्यवस्था दैनिक गोली की तुलना में दवा लेने की नियमितता से जुड़ी चुनौतियां कम कर सकती है, हालांकि इसका उपयोग चिकित्सकीय सलाह और लागू दिशानिर्देशों के अनुसार ही होगा।
कीमत और उपलब्धता की योजना
पहली आपूर्ति दिसंबर 2026 तक पात्र देशों में पहुंचने की उम्मीद है, जबकि व्यापक उपलब्धता 2027 में प्रस्तावित है। डॉ. रेड्डीज, यूनिटएड, विट्स प्रजनन स्वास्थ्य एवं एचआईवी संस्थान और क्लिंटन स्वास्थ्य पहुंच पहल के बीच हुए समझौते के अनुसार, इस दवा की कीमत 120 देशों में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 40 डॉलर रखने की योजना है। ये वे देश हैं जो गिलियड साइंसेज के स्वैच्छिक लाइसेंस के दायरे में आते हैं।
गिलियड ने अक्टूबर 2024 में डॉ. रेड्डीज को लाइसेंस दिया था। इसके बाद सितंबर 2025 में चारों संस्थाओं ने दवा के विकास और पहुंच से जुड़ा समझौता किया। अस्थायी एफडीए मंजूरी के बावजूद, व्यापक उपयोग से पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व-योग्यता और संबंधित देशों की राष्ट्रीय नियामक मंजूरियां भी जरूरी होंगी। क्लिंटन स्वास्थ्य पहुंच पहल के मुख्य कार्यकारी नील बडी शाह के अनुसार, मूल दवा के बाद जेनेरिक को यह मंजूरी 16 महीने में मिली; यह पहुंच को ध्यान में रखकर किए गए विकास का उदाहरण है।
दवा की कार्यप्रणाली और चिकित्सा में भूमिका
लेनैकापाविर एचआईवी के कैप्सिड, यानी वायरस की बाहरी प्रोटीन संरचना, को लक्ष्य करता है। यह कैप्सिड के पी24 प्रोटीन उपखंडों के बीच जुड़कर वायरस की प्रतिकृति के जरूरी चरणों में बाधा डालता है। एफडीए ने इसे एचआईवी/एड्स उपचार के लिए स्वीकृत पहला कैप्सिड अवरोधक बनाया था। बहु-दवा प्रतिरोध वाले एचआईवी के उपचार में इसे अन्य एंटीरेट्रोवायरल दवाओं के साथ दिया जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- लेनैकापाविर एचआईवी-1 के कैप्सिड प्रोटीन पी24 को लक्ष्य करने वाली दवा है।
- यह एफडीए से स्वीकृति पाने वाला पहला कैप्सिड अवरोधक था।
- सनलेन्का नाम से लेनैकापाविर का उपयोग बहु-दवा प्रतिरोधी एचआईवी के उपचार में अन्य दवाओं के साथ होता है।
- येज़्टुगो और येयटुओ इसके प्रेप उपयोग से जुड़े ब्रांड नाम हैं।
अगले चरण में नियामकीय मंजूरियां और आपूर्ति व्यवस्था तय करेंगी कि यह जेनेरिक इंजेक्शन पात्र देशों तक कितनी तेजी से पहुंचता है।