एआई तैयारियों में भारत की मजबूत स्थिति, विश्व बैंक ने शीर्ष 10 में रखा
विश्व बैंक ने भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की तैयारियों के मामले में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष 10 देशों में शामिल किया है। 6 अक्टूबर 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट India and Artificial Intelligence: Seizing the Development Opportunity में संस्था ने भारत की तकनीकी क्षमता, वैश्विक आईटी नेटवर्क और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को इस बेहतर स्थिति का आधार बताया।
भारत की रैंकिंग क्यों अहम है
एआई रेडीनेस का मतलब केवल तकनीक उपलब्ध होना नहीं, बल्कि उसे बड़े पैमाने पर अपनाने, लागू करने और आगे बढ़ाने की क्षमता भी है। इसमें कौशल, निवेश, नियमन, डिजिटल ढांचा और उद्योगों में उपयोग जैसे पहलू शामिल होते हैं। विश्व बैंक के अनुसार भारत की स्थिति इसलिए मजबूत दिखती है क्योंकि यहां प्रशिक्षित तकनीकी कार्यबल मौजूद है और आईटी सेवाओं का वैश्विक स्तर पर गहरा जुड़ाव है।
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एआई के उपयोग को बढ़ाने में मदद कर सकती है। पहचान, भुगतान और सेवा वितरण से जुड़े बड़े डिजिटल सिस्टम देश में पहले से मौजूद हैं, जिससे एआई आधारित सेवाओं को लागू करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
निवेश और रोजगार में तेज बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार भारत में एआई से जुड़ा निजी निवेश 2024 में 1.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 4.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह वृद्धि बताती है कि उद्योग और निवेशक इस क्षेत्र को लेकर अधिक सक्रिय हुए हैं।
इसी तरह, भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में काम करने वाले पेशेवरों की संख्या 2024 के 1.9 मिलियन से बढ़कर 2025 में 2.36 मिलियन हो गई। ये केंद्र तकनीक, विश्लेषण, वित्त और व्यावसायिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में इनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।
नीतिगत चुनौतियां और आगे की दिशा
विश्व बैंक ने कहा कि एआई का दीर्घकालिक आर्थिक और श्रम बाजार पर प्रभाव अभी भी अनिश्चित है। इसलिए उसने ऐसी नीतियों पर जोर दिया जो एआई-समर्थक ढांचे को मजबूत करें, कारोबारी माहौल बेहतर बनाएं, एआई तक पहुंच बढ़ाएं और श्रमिकों की क्षमता विकसित करें।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एआई अपनाने से उत्पादकता बढ़ सकती है और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी बेहतर हो सकती है। हालांकि, इसके लाभ व्यापक स्तर पर तभी मिलेंगे जब तकनीक तक पहुंच, कौशल विकास और संस्थागत तैयारी साथ-साथ आगे बढ़ें।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व बैंक एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था है, जो देशों की विकास स्थिति और नीतिगत आकलन पर रिपोर्ट जारी करती है।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में पहचान, भुगतान और सेवा वितरण से जुड़े बड़े डिजिटल सिस्टम शामिल होते हैं।
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स वे इकाइयां हैं जो तकनीक, एनालिटिक्स, वित्त और व्यावसायिक सेवाएं प्रदान करती हैं।
- एआई रेडीनेस का आकलन आम तौर पर कौशल, निवेश, अवसंरचना और उद्यमों में अपनाने की क्षमता के आधार पर किया जाता है।
विश्व बैंक की यह रैंकिंग भारत की डिजिटल क्षमता और एआई क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक भूमिका को रेखांकित करती है। आने वाले वर्षों में नीति, निवेश और कौशल विकास की दिशा ही तय करेगी कि यह बढ़त कितनी टिकाऊ साबित होती है।